Intersectional Feminism—Desi Style!

फ़ेमिनिज़म इन इंडिया

फ़ेमिनिज़म इन इंडिया एक समावेशी नारीवादी मीडिया संस्थान है, जो युवाओं के बीच नारीवाद पर समझ विकसित करने और नारीवादी संवेदनशीलता को बढ़ाने की दिशा में काम करता है। इसका उद्देश्य नारीवाद से जुड़ी नकारात्मकता को दूर करके कला, मीडिया, संस्कृति, प्रौद्योगिकी और समुदाय के साधनों का इस्तेमाल कर महिलाओं और समाज के हाशिए के समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी आवाज़ को बढ़ाना है।

FII Hindi Team

Japleen Pasricha

Founder-Director

Japleen smashes the patriarchy for a living! She is a feminist activist and entrepreneur and has been awarded the WSA Young Innovator Award. She loves to swim, travel and do gardening.

स्वाती

संपादक

स्वाती ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता एवं जनसम्प्रेषण की पढ़ाई पूरी की है। अपने लेखन और सामाजिक कार्य के ज़रिए वह नारीवाद के विकास और इसे सरोकार से जोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं, जिसके लिए उन्हें लाड्ली मीडिया अवार्ड और काका साहेब कालेलकर सम्मान से जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

रितिका

सह-संपादक

रितिका नारीवादी हैं। वे निष्पक्ष नहीं है। उनकी कलम मज़लूमों का पक्ष लेती है। अपनी संवेदनशील लेखनी के लिए इस पत्रकार को प्रतिष्ठित लाडली मीडिया अवार्ड और ब्रेकथ्रू रिफ्रेम मीडिया अवार्ड से नवाज़ा जा चुका है।

ईशा

लेखिका एवं सोशल मीडिया संचालक-हिंदी

ईशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में ग्रेजुएशन किया है। लेखन के माध्यम से वह सामाजिक और राजनैतिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करती है। वह हिंदी और इंग्लिश में 'फ़ेमिनिज़म इन इंडिया' के लिए लिखती है और एफ़आईआई हिंदी के सोशल मीडिया का संचालन करती है।