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आप फेमिनिज़म इन इंडिया-हिंदी में बतौर लेखक अपना योगदान देना चाहते हैं? वाह!

हम हिंदी में लेख प्रकाशित करते हैं। आप हिंदी में लिखे अपने लेख को hindi@feminisminindia.com पर हमें ई-मेल करें। आपके ई-मेल में लेख के साथ निम्नलिखित जानकारियां ज़रूर संलग्न होनी चाहिए:

  1. आपकी ई-मेल आईडी (जो प्रकाशित नहीं की जाएगी)
  2. बतौर लेखक आप अपने लिए किस नाम का इस्तेमाल करना चाहेंगें
  3. अपने बारे में कम शब्दों में बताएं
  4. आपके लिए इंटरसेक्शनल शब्द के क्या मायने हैं? इसके बारे में कम से कम 200 में लिखकर भेजें
  5. फेमिनिज़म इन इंडिया-हिंदी के लिए लिखने में आप किन विषयों पर लिखना पसंद करेंगें
  6. आपके बेहतरीन लेख का एक नमूना, जिससे हम आपके लेखन को भलीभांति समझ सकें
  7. आपकी फेसबुक और ट्विटर प्रोफाइल (अगर साझा करना चाहें)

संपादन नोट – हमारी संपादकीय की एक व्यवस्थित नीति है, जिसे पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। फेमिनिज़म इन इंडिया-हिंदी एक सक्रिय प्रयास है जो समान अवसर और समानरूप से दलित, बहुजन और आदिवासी लेखकों को बढ़ावा देने और जेंडर की बाइनरी से परे ट्रांस और विकलांग लेखकों को बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध है।

विषय जो हम चुनते है

  1. संस्कृति : परंपरा, साक्षात्कार, कलाकार्य, पुस्तक समीक्षा, फोटो-निबन्ध, यात्रा वृतांत और संस्कृति से जुड़े मुद्दे।
  2. नारीवाद : नारीवाद से जुड़े मुद्दे।
  3. इतिहास : प्रमुख घटनाओं और नारीवाद के दौर में महिला इतिहास के बारे में।
  4. इंटरसेक्शनल : शरीर की छवि, शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, जाति, वर्ग, सेक्स और यौनिकता, जेंडर, हिंसा, मर्दानगी, विशेषाधिकार, धर्म और शहरी और ग्रामीण समुदाय।
  5. ख़बर : नारीवाद और जेंडर से संबंधित समसामयिक मुद्दों की खबर।
  6. कानून और नीति : इंटरसेक्शनल मुद्दों पर केन्द्रित क़ानून और नीति।
  7. वीडियो : नारीवाद और जेंडर से जुड़े मुद्दे पर केन्द्रित वीडियो की समीक्षा।

लेख भेजने के नियम

  1. लेख के शीर्षक को ई-मेल के सब्जेक्ट में लिखें और अपने हिंदी लेख hindi@feminisminindia.com  पर भेज दें।
  2. आपके हिंदी लेख वर्ड फाइल में (मंगल फॉण्ट) में 12 फॉण्ट साइज़ के साथ सिंगल स्पेस में भेजें।
  3. लेख की शब्द-सीमा 800 से 1000 शब्द हो, विश्लेषण संबंधित लेख इससे अधिक शब्दों में हो सकते हैं। लेख के साथ शीर्षक ज़रूर भेजें।
  4. आपके लेख उपयुक्त लिखे गए किसी भी मुद्दे पर हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि फिलहाल हम कविता, कहानी और नाटक प्रकाशित नहीं करते हैं।
  5. हमारे लिए नारीवादी होने का मतलब सिर्फ महिला-मुद्दे नहीं हैं बल्कि हर वह विषय जिसका ताल्लुक अल्पसंख्यक या हाशिये पर रहने वाले से समुदाय से जुड़ा है, उसे हम प्रकाशित करते हैं।
  6. अगर संभव हो तो अपने लेख के अनुसार उचित तस्वीर ही भेजें, जो लेख के मुख्य संदेश को बयां करती हो।
  7. अगर आप किसी शोध संबंधित लेख भेज रहे हैं तो लेख में दी गई सूचनाओं के स्रोत की लिंक ज़रूर पुख्ता करें और लेख के साथ भेजें।
  8. हम पहले से प्रकाशित किसी लेख को स्वीकार नहीं करते हैं।
  9. बतौर लेखक आप महीने में कम से कम 2 से 3 लेख हमें ज़रूर भेजें।  
  10. लेख को पढ़ने और प्रकाशित करने योग्य बनाने के लिए हमारे संपादन के अधिकार है। इसके तहत हम अपनी संपादन नीति के अनुसार लेख को संपादित करते हैं। अगर किन्हीं बिंदु पर आपको संशय होता है तो हम आपस में बात कर सकते हैं।
  11. हम एक स्वतंत्र नारीवादी संस्था हैं जो मौजूदा समय में लेखन के किसी भी तरह के भुगतान को करने में असमर्थ हैं। लेकिन हम बतौर लेखक आपकी पहचान और आपके विचार को अधिकांश लोगों तक पहुंचाने में ज़रूर समर्थ हैं।
  12. लेख का कॉपीराईट संयुक्त रूप से फेमिनिज़म इन इंडिया और लेखक के बीच है।

इन नियमों का पालन करके आप सफलतापूर्वक अपना लेख जमा कर सकते हैं। इसके बाद हम आपके लेख की समीक्षा और संपादन के बाद इसे प्रकाशित करते हैं, लेख प्रकाशित होते ही इसकी सूचना आपको ई-मेल के माध्यम से दी जाएगी।