Tuesday, September 17, 2019
‘पीरियड प्रोडक्टिविटी’ से बनाएं अपनी प्रोफेशनल लाइफ आसान

‘पीरियड प्रोडक्टिविटी’ से बनाएं अपनी प्रोफेशनल लाइफ आसान

पीरियड प्रोडक्टिविटी को सरल शब्दों में समझा जाए तो इसका मतलब है पीरियड की तकलीफों की चिंता किये बिना, अपना काम बिना रुकावट के सफलतापूर्वक करते जाना।
महिलाओं का पीसीओएस की समस्या को अनदेखा करना ख़तरनाक है

महिलाओं का पीसीओएस की समस्या को अनदेखा करना ख़तरनाक है

पॉलीसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम (पीसीओएस), महिलाओं में होने वाला ऐसा हॉर्मोनल असंतुलन है जो एक ज़माने में असाधारण हुआ करता था पर अब आम हो गया है।
फ्री ब्लीडिंग मूवमेंट : आखिर क्यों कर रही हैं महिलाएं पीरियड उत्पादों का बहिष्कार

फ्री ब्लीडिंग मूवमेंट : आखिर क्यों कर रही हैं महिलाएं पीरियड उत्पादों का बहिष्कार

इस आंदोलन में महिलाएं मासिकधर्म के वक़्त किसी भी प्रकार के पीरियड उत्पाद का बहिष्कार करते हुए खुलकर रक्त बहाने का चुनाव करते हैं।
प्रजनन स्वास्थ्य की समस्याओं से जूझती महिलाओं की आपबीती

प्रजनन स्वास्थ्य की समस्याओं से जूझती महिलाओं की आपबीती

महिलाओं को अपने यौन और प्रजनन अधिकारों के बारे बोलना ही चाहिए। आखिर क्यों महिला की इच्छा और उसकी खुशी को महत्वपूर्ण नहीं माना जाता है?
गर्भनिरोध के ऐसे तरीके, जिनसे आप हैं बेखबर

गर्भनिरोध के ऐसे तरीके, जिनसे आप हैं बेखबर

ऐसे बहुत से अन्य गर्भनिरोधक तरीके हैं, जिनके बारे में शहरी क्षेत्रों में भी जागरूकता सीमित है। आइए जानते हैं कि बर्थ कंट्रोल के अन्य तरीके क्या हैं|
दुनियाभर में महिलाओं की मौत का 5वां सबसे बड़ा कारण ये है !

दुनियाभर में महिलाओं की मौत का 5वां सबसे बड़ा कारण ये है !

दुनिया की आधी आबादी के जीवन का अभिन्न अंग पीरियड्स ही वह वजह है जिसके असुरक्षित निपटान की वजह से हर साल लाखों महिलाएं असमय ही काल के गाल में समा जाती हैं।
पीरियड में इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल पर्यावरण को रखेगा सुरक्षित

पीरियड में इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल पर्यावरण को रखेगा सुरक्षित

माहवारी के वक्त बायोडिग्रेडेबल या फिर लंबे समय तक चलने वाले उत्पादों में बदलना अब विकल्प ही नहीं बल्कि समय की मांग हो चुका है।
पीरियड

‘पीरियड का खून नहीं समाज की सोच गंदी है|’ – एक वैज्ञानिक विश्लेषण

पीरियड के दौरान निकलने वाला पदार्थ गंदा या अशुद्ध नहीं होता है| बल्कि ये महिला के शरीर में बनने वाला ऊर्वरक बीज होता है |
माहवारी से जुड़े दस मिथ्य, जो आज भी महिला सशक्तिकरण को दे रहे चुनौती

माहवारी से जुड़े दस मिथ्य, जो आज भी महिला सशक्तिकरण को दे रहे चुनौती

माहवारी से जुड़े बहुत से मिथ्य है जो हर महीने महिलाओं को प्रताड़ित करने जैसे हैं। अब समय आ गया है कि हम ऐसी अवधारणाओं को जड़ से उखाड़ फेंके।
सुरक्षित गर्भावस्था की चुनौतियाँ

सुरक्षित गर्भावस्था की चुनौतियाँ

मातृ मृत्यु दर के मुद्दे पर यह सकारात्मक बदलाव इतनी धीमी गति से क्यों हो रहे हैं और ख़ासकर जिन देशों में कोई सुधार नहीं हुआ है|