Monday, January 27, 2020

हाँ, मैं नारीवादी हूँ और मैं नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करती हूँ!

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संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ़ कोई भी कानून बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाँ, मैं नारीवादी हूँ और मैं सीएए और एनआरसी का पुरज़ोर विरोध करती हूँ।
मैं आपकी स्टीरियोटाइप जैसी नहीं फिर भी आदिवासी हूं

मैं आपकी स्टीरियोटाइप जैसी नहीं फिर भी आदिवासी हूं

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गुप्ता और मुगलों के ज़िक्र से लदी इतिहास की किताबों में आदिवासियों की पहचान इतनी ही थी कि वे पिछड़े और बीते ज़माने में जीते थे।
ऐसी है 'पितृसत्ता' : सेक्स के साथ जुड़े कलंक और महिलाओं के कामकाजी होने का दर्जा न देना

ऐसी है ‘पितृसत्ता’ : सेक्स के साथ जुड़े कलंक और महिलाओं के कामकाजी होने...

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सेक्स वर्कर को और सेक्स वर्क से जुड़े इन विचारों को केवल कलंक, उनकी यौनिकता या मानवाधिकारों के बारे में समझ तक ही सीमित नहीं किया जा सकता।

दलित और आदिवासी मुद्दों को नज़रअंदाज़ करने वाली मीडिया की फ़ितरत कब बदलेगी?

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देशभर में रोज़ाना आदिवासी, दलित, बहुजन महिलाओं को शोषण से गुज़रना पड़ता है, जिसकी खबर कोई नहीं बताता। मीडिया भी इन खबरों को नज़रअंदाज़ करता है।
यौन-उत्पीड़न

यौन-उत्पीड़न की शिकायतों को निगलना और लड़कियों को कंट्रोल करना – यही है ICC...

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अकादमिक संस्थानों में ICC यानी इंटरनल कंप्लेण्ट्स कमिटी का मुख्य काम यौन-उत्पीड़न की शिकायतों को दबाने का होता जा रहा है।
यहाँ गन्ना और ग़रीबी निगल रही हैं हज़ारों औरतों की कोख़

यहाँ गन्ना और ग़रीबी निगल रही हैं हज़ारों औरतों की कोख़

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अभी भी मज़दूर औरतें माहवारी जुर्माना भरती हैं या फिर मासिकधर्म की आफ़त से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए अपने ही कोख़ फेंक देने में मजबूर हो जाती हैं।
मेरी यात्रा का अनुभव और महिला शौचालय की बात

मेरी यात्रा का अनुभव और महिला शौचालय की बात

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किसी महिला यात्री के लिए जिसे महिलाओं के लिए अलग से बने शौचालय इस्तेमाल करने की आदत हो, इस तरह पुरुषों के लिए बने शौचालय को इस्तेमाल कर पाना खासा असुविधाजनक हो स

ख़ुद में बेहद ख़ास होता है हर इंसान : विद्या बालन

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विद्या बालन के इस वीडियो से लोग खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं, बॉडी इमेज पर केन्द्रित यह प्रभावी वीडियो तेजी से वायरल हुआ है|
बच्चों के लिए रचने होंगें नये खेल और कहानी, लैंगिक समानता के वास्ते

बच्चों के लिए रचने होंगें नये खेल और कहानी, लैंगिक समानता के वास्ते

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खेल और कहानियाँ केवल बच्चों का मन बहलाने का साधन नहीं हैं| इन्हीं से बच्चे सबसे अधिक सीखते हैं| ये उनके मस्तिष्क विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं|
हम सभी को नारीवादी क्यों होना चाहिए? - जानने के लिए पढ़िए ये किताब

हम सभी को नारीवादी क्यों होना चाहिए? – जानने के लिए पढ़िए ये किताब

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'व्ही शुड ऑल बी फेमिनिस्ट्स' में अदीची के जीवन से जुड़े कुछ ऐसे किस्से हैं, जिन्हें उन्होंने नाइजीरिया में अनुभव किया है।

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ट्रेंडिंग

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

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संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

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गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
फैमिली ग्रुप्स के अश्लील व्हाट्सएप्प मेसेज – एक विश्लेषण

फैमिली ग्रुप्स के अश्लील व्हाट्सएप्प मेसेज – एक विश्लेषण

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आजकल फैमिली ग्रुप में अपने बड़े-बूढ़े और रिश्तेदारों की तरफ से शेयर किये जाने वाले कुछ उन चुनिन्दा भद्दे व्हाट्सएप्प मेसेज के बारे बात करने जा रही हूँ, जो महिलाओं के प्रति व उनसे बनाये जाने वाले रिश्ते के प्रति की अपनी घिनौनी सोच को साझा करते हैं|
पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।
भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

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भारत में स्त्री संघर्ष और स्त्री अधिकार के आन्दोलन को इसी रूप में स्वतंत्रता आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता है|