Monday, November 18, 2019
कौन गुरु कौन शिष्य?

कौन गुरु कौन शिष्य?

शायद परिवर्तन का नाम ही जीवन हैl हम चाहें तो पूरी उम्र नया सीख सकते हैं और बदल सकते हैंl
‘ऋषि पंचमी व्रत’ - पीरियड को पाप मानकर शुद्ध होने का संकीर्ण रिवाज

‘ऋषि पंचमी व्रत’ – पीरियड को पाप मानकर शुद्ध होने का संकीर्ण रिवाज

ऋषि पंचमी व्रत महिलाओं के पीरियड के दौरान मन्दिर या रसोई जैसे अन्य निषेधों जैसे पापों को दूर करने के लिए किया जाता है|

देवी की माहवारी ‘पवित्र’ और हमारी ‘अपवित्र?’

आषाढ़ के महीने में गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर की देवी को माहवारी होती है। देवी को होने वाली इस सालाना माहवारी का भक्त पूरे साल इंतज़ार करते हैं।

महिलाओं का ‘खतना’ एक हिंसात्मक कुप्रथा

महिलाओं में खतना प्रथा का चलन दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय में सबसे अधिक देखा जाता है | दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय, शिया मुसलमानों माने जाते हैं|

पीरियड से जुड़ी एक खौफनाक प्रथा ‘छौपदी’

नेपाल में पीरियड के दौरान लड़की को घर के बाहर झोपड़ी में या पशुओं के बाड़े में रहने पर मजबूर होना पड़ता है, इस प्रथा को छौपदी कहा जाता है|

करवा चौथ का ‘कड़वा-हिस्सा’ है ये अनछुए पहलू

आज के दौर में करवा चौथ के त्यौहार को आधुनिक ढकोसलों से इस कदर घेरा गया है कि अब यह त्यौहार से ज्यादा फैशन के तौर पर जाना जाने लगा है|

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इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

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भारत में स्त्री संघर्ष और स्त्री अधिकार के आन्दोलन को इसी रूप में स्वतंत्रता आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता है|
रानी अब्बक्का चौटा: भारत की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी | #IndianWomenInHistory

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रानी अब्बक्का चौटा का स्थान न सिर्फ इतिहास में महत्वपूर्ण है बल्कि वे आज के समय में भी एक सशक्त महिला के रूप में बेहतरीन उदाहरण हैं।
उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।