समाज के बनाए नियमों के खिलाफ़ एक खामोश प्रतिरोध है फिल्म ‘दायरा’By Mamta Kumari 5 min read | Apr 28, 2026
‘अछूत कन्या’: जातिवाद और पितृसत्ता पर सवाल खड़े करती जरूरी फिल्मBy Sakshi Raj 5 min read | Apr 23, 2026
‘फेंड्री’ : बचपन, प्यार और जातिगत भेदभाव के कारण टूटते सपनों की कहानीBy Jyoti Shukla 6 min read | Apr 20, 2026
आखिर भारतीय सिनेमा ट्रांस समुदाय का चित्रण एक ‘ट्रोप’ की तरह करना कब बंद करेगा?By Rakhi Yadav 7 min read | Apr 7, 2026
मैत्रेयी पुष्पा का ‘अल्मा कबूतरी’ उपन्यास: कबूतरा आदिवासी महिलाओं के शोषण और प्रतिरोध की कहानीBy Rakhi Yadav 6 min read | Apr 6, 2026
‘बाबासाहेब: माई लाइफ विद डॉ. अंबेडकर’: देखभाल, साथ और सविता आंबेडकर का भुला दिया गया इतिहासBy Abhijay Rambabu 7 min read | Apr 3, 2026
मैरिटल रेप के कानून की कमी पर ज़रूरी सवाल खड़े करती वेब सीरीज़ चिरैयाBy Priti Kharwar 7 min read | Mar 27, 2026
आदिवासी अस्मिता और संघर्ष का दस्तावेज है रणेंद्र का ग्लोबल गाँव के देवताBy Khadeeja Tahera 5 min read | Mar 25, 2026
प्रदीप सौरभ की तीसरी ताली: पहचान, संघर्ष और स्वीकृति की कहानीBy Khadeeja Tahera 5 min read | Mar 20, 2026
‘इम्मोरल ट्रैफिक’: सेक्स वर्क, कानून और रेस्क्यू की राजनीति पर एक जरूरी किताबBy Masoom Qamar 7 min read | Mar 19, 2026
‘एक्यूज्ड’: सत्ता, सेक्शूएलिटी और सोशल मीडिया ट्रायल पर एक जरूरी फिल्मBy Anamika 6 min read | Mar 18, 2026
समानांतर सिनेमा में पितृसत्ता को चुनौती देने वाली महिलाओं की कहानियांBy Savita Chauhan 7 min read | Mar 16, 2026
‘अस्सी’: यौन हिंसा के बाद की जद्दोजहद और समाज की संवेदनहीनता की कहानीBy Anamika 6 min read | Mar 10, 2026