Tuesday, September 17, 2019
वजाइना को वॉश के बाज़ार से ज़्यादा स्वतंत्र छोड़ने की ज़रूरत है

वजाइना को वॉश के बाज़ार से ज़्यादा स्वतंत्र छोड़ने की ज़रूरत है

कंपनियां वजाइना वॉश जैसे उत्पाद को बेचने में नहीं शर्माती। ये आपके वजाइना को पहले से सुन्दर और गोरा करने का गलत दावा करते हैं जिससे इनकी बिक्री अधिक हो।

पितृसत्ता का ये श्रृंगार है महिलाओं के ख़िलाफ़ मज़बूत हथियार

पितृसत्ता के श्रृंगार को समझना बेहद ज़रूरी है। क्योंकि स्त्री द्वेष जैसी समस्याओं का प्रमुख आधार है, जिसके अनुसार ये महिलाओं को बाँटने की कोशिश करती हैं।
मेरी यात्रा का अनुभव और महिला शौचालय की बात

मेरी यात्रा का अनुभव और महिला शौचालय की बात

किसी महिला यात्री के लिए जिसे महिलाओं के लिए अलग से बने शौचालय इस्तेमाल करने की आदत हो, इस तरह पुरुषों के लिए बने शौचालय को इस्तेमाल कर पाना खासा असुविधाजनक हो स
ये ‘रक्षाबंधन’ हो कुछ ऐसा 'लैंगिक समानता और संवेदना वाला'

ये ‘रक्षाबंधन’ हो कुछ ऐसा ‘लैंगिक समानता और संवेदना वाला’

रक्षाबंधन के त्यौहार में बहन अपने भाई की कलाई में बड़े शौक़ से राखी बाँधती है, जो इसबात का सूचक है की बहन की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी अब भाई की है।
समाज की ये कुरीतियां आज भी कर रहीं महिलाओं को प्रताड़ित

समाज की ये कुरीतियां आज भी कर रहीं महिलाओं को प्रताड़ित

ऐसी बहुत सी प्रथाएं और मान्यताएँ हैं जो एक औरत की अंतरात्मा को खोखला कर देती हैं। ये स्त्री द्वेषी विचार एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंपे जा रहे हैं।
फ्री ब्लीडिंग मूवमेंट : आखिर क्यों कर रही हैं महिलाएं पीरियड उत्पादों का बहिष्कार

फ्री ब्लीडिंग मूवमेंट : आखिर क्यों कर रही हैं महिलाएं पीरियड उत्पादों का बहिष्कार

इस आंदोलन में महिलाएं मासिकधर्म के वक़्त किसी भी प्रकार के पीरियड उत्पाद का बहिष्कार करते हुए खुलकर रक्त बहाने का चुनाव करते हैं।
भारत की चहेती महिला राजनीतिज्ञ सुषमा स्वराज

भारत की चहेती महिला राजनीतिज्ञ सुषमा स्वराज

सुषमा स्वराज की बहुमूल्य राजनीति का कोई तोड़ नहीं है। उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ने की जो राह और उम्मीद दिखाई है वह कीमती है।
ननिहाल के सफर की बात ही कुछ और थी

ननिहाल के सफर की बात ही कुछ और थी

खुरई, मध्य प्रदेश की छोटी-सी तहसील, जिसे यहां के लोग भी नहीं जानते। मुझे आज भी लोगों को बताना पड़ता है कि मेरा ननिहाल बीना और सागर के बीच में आता है।
उन्नाव बलात्कार : क्योंकि वह इंसाफ मांग रही थी इसलिए निशाने पर थी

उन्नाव बलात्कार : क्योंकि वह इंसाफ मांग रही थी इसलिए निशाने पर थी

उन्नाव केस इस बात को परिलक्षित करती है कि धन-बल से कैसे न्यायिक प्रक्रिया का गला घोंटा जा सकता है और कोर्ट के बाहर न्याय कैसा गौण हो जाता है।
हाँ, चरित्रहीन औरतें सुंदर होती हैं!

हाँ, चरित्रहीन औरतें सुंदर होती हैं!

जो चरित्रहीन होते हैं, सुंदर वही होते हैं। आजाद लोग ही खूबसूरत होते हैं। कोने में, अपनी ही कुठाओं में दबी खामोश चरित्रशील औरत?