Monday, November 18, 2019
प्रारूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2019) में ट्रांसजेंडर छात्रों और उनकी ज़रूरतों की बात

प्रारूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2019) में ट्रांसजेंडर छात्रों और उनकी ज़रूरतों की बात

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की प्रारूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2019 के एक खंड में ट्रांसजेंडर छात्रों और इसकी जरूरतों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
“लड़का हुआ या लड़की?” - इंटरसेक्स इंसान की आपबीती

“लड़का हुआ या लड़की?” – इंटरसेक्स इंसान की आपबीती

इंटरसेक्स व्यक्ति में जन्म से ही पुरुष और महिला दोनों के प्रजनन अंग होते हैं। इंटरसेक्स लोगों में भी काफी विभिन्नता पायी जाती है|

ख़बर अच्छी है : LGBTQ+ खिलाड़ियों ने जीता फीफा महिला विश्व कप

फीफा महिला विश्व कप का खिताब जीतने वाली अमेरिका की खिलाड़ी 11 टीम में से इस बार पांच लेस्बियन खिलाड़ी मैदान में थी, जो एक ऐतिहासिक जीत बन गया|
भारतीय मीडिया पर इतनी सिमटी क्यों हैं LGBTQIA+ की खबरें

भारतीय मीडिया पर इतनी सिमटी क्यों हैं LGBTQIA+ की खबरें

सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 हटाकर समलैंगिकता को वैधीकरण की सौगात मिली, तब मीडिया ने पहली बार इस पर सही कवरेज की। हालांकि कुछ दिन बाद सब ज्यों का त्यों हो गया।

लैंगिक दायरों से परे होती है प्यार की परिभाषा

हमारे यहाँ तो प्रेम कहानियाँ ही लड़का-लड़की वाली गायी जाती है| पर इसका मतलब ये नहीं कि प्यार का दायरा सिर्फ यहीं तक है, वास्तविकता ये है कि प्यार की कहानी लड़का-लड़की तक सीमित सिर्फ इसलिए है क्योंकि समलैंगिक प्रेम कहानियाँ आज भी अंधेरे बक्से में बंद है|

LGBT की भाषा अगर पल्ले नहीं पड़ती तो आपके लिए है ये वीडियो

आयुषी ने इस वीडियो के ज़रिये बेहद सरल हिंदी भाषा में जेंडर और यौनिकता की परतों को उजागर करते हुए इसपर दर्शकों की समझ बनाने का सार्थक प्रयास किया है|
'गे संबंधों' के साथ-साथ प्रधानमंत्री का भी बना दिया मज़ाक

‘गे संबंधों’ के साथ-साथ प्रधानमंत्री का भी बना दिया मज़ाक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल की फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही थी, जिसके कैप्शन में लोग उन्हें ‘गे कपल’ के तौर पर बता रहे थे।
मेरी कहानी - ट्रांसजेंडर होते हुए भी पूरी की पढ़ाई

मेरी कहानी – ट्रांसजेंडर होते हुए भी पूरी की पढ़ाई

हमारे देश में अभी भी जेंडर, सेक्स और सेक्सुअलिटी पर खुलकर बात नहीं होती है| ऐसे में ट्रांसजेंडर लोगों को पढ़ना जरूरी है, क्योंकि यही हमें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का अहम पुल साबित होगा|

‘वो लेस्बियन थी’ इसलिए बीएचयू हास्टल से निकाली गयी

बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के महिला महाविद्यालय (एमएमवी) के हास्टल से एक लड़की को यह कहकर निकाल दिया गया कि वो लेस्बियन थी|
सफ़र 'अवध गौरव यात्रा' का: जब मेरी आँखों में सुकून के आंसू थे

सफ़र ‘अवध गौरव यात्रा’ का: जब मेरी आँखों में सुकून के आंसू थे

लोग यह कह रहे थे कि लखनऊ जैसे शहर में ये संभव ही नहीं है, यह कोशिश व्यर्थ जायेगी, लोग हँसेगे तुम सब पर और न जाने कौन-कौन से ताने मारेंगे।

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इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

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भारत में स्त्री संघर्ष और स्त्री अधिकार के आन्दोलन को इसी रूप में स्वतंत्रता आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता है|
रानी अब्बक्का चौटा: भारत की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी | #IndianWomenInHistory

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रानी अब्बक्का चौटा का स्थान न सिर्फ इतिहास में महत्वपूर्ण है बल्कि वे आज के समय में भी एक सशक्त महिला के रूप में बेहतरीन उदाहरण हैं।
उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।