Thursday, January 23, 2020
इस्मत चुगताई की किताब ‘लिहाफ़’ जो लाइब्रेरी की मुश्किल किताब थी

इस्मत चुगताई की किताब ‘लिहाफ़’ जो लाइब्रेरी की मुश्किल किताब थी

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मेरे लिए ‘लिहाफ़’ एक कहानी या किताब ही नही थी बल्कि उसमें लायब्रेरी वाले बंदे के ‘मुश्किल’ वाले शब्द का हल ढूँढना भी ज़रूरी था।

अभिनेता की यौनिकता को नकारकर उसकी ज़बरन शादी से नर्क़ बनने लगी ज़िंदगी

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जसप्रीत सिंह एक अभिनेता, होस्ट और प्रोग्राम डायरेक्टर है जिन्होंने जसप्रीत ने साल 2006 में आयी ‘विवाह’ फिल्म में शाहिद कपूर के साथ बतौर अभिनेता काम किया।
थर्ड जेंडर से जुड़ी ये बातें बहुत कम लोग जानते हैं

थर्ड जेंडर से जुड़ी ये बातें बहुत कम लोग जानते हैं

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पूरे हिजड़े समुदाय को सामाजिक संरचना की दृष्टि से सात समाज या घरानों में बांटा जा सकता है, हर घराने के मुखिया को नायक कहा जाता है|
प्रारूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2019) में ट्रांसजेंडर छात्रों और उनकी ज़रूरतों की बात

प्रारूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2019) में ट्रांसजेंडर छात्रों और उनकी ज़रूरतों की बात

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मानव संसाधन विकास मंत्रालय की प्रारूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2019 के एक खंड में ट्रांसजेंडर छात्रों और इसकी जरूरतों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
“लड़का हुआ या लड़की?” - इंटरसेक्स इंसान की आपबीती

“लड़का हुआ या लड़की?” – इंटरसेक्स इंसान की आपबीती

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इंटरसेक्स व्यक्ति में जन्म से ही पुरुष और महिला दोनों के प्रजनन अंग होते हैं। इंटरसेक्स लोगों में भी काफी विभिन्नता पायी जाती है|

ख़बर अच्छी है : LGBTQ+ खिलाड़ियों ने जीता फीफा महिला विश्व कप

फीफा महिला विश्व कप का खिताब जीतने वाली अमेरिका की खिलाड़ी 11 टीम में से इस बार पांच लेस्बियन खिलाड़ी मैदान में थी, जो एक ऐतिहासिक जीत बन गया|
भारतीय मीडिया पर इतनी सिमटी क्यों हैं LGBTQIA+ की खबरें

भारतीय मीडिया पर इतनी सिमटी क्यों हैं LGBTQIA+ की खबरें

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सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 हटाकर समलैंगिकता को वैधीकरण की सौगात मिली, तब मीडिया ने पहली बार इस पर सही कवरेज की। हालांकि कुछ दिन बाद सब ज्यों का त्यों हो गया।

लैंगिक दायरों से परे होती है प्यार की परिभाषा

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हमारे यहाँ तो प्रेम कहानियाँ ही लड़का-लड़की वाली गायी जाती है| पर इसका मतलब ये नहीं कि प्यार का दायरा सिर्फ यहीं तक है, वास्तविकता ये है कि प्यार की कहानी लड़का-लड़की तक सीमित सिर्फ इसलिए है क्योंकि समलैंगिक प्रेम कहानियाँ आज भी अंधेरे बक्से में बंद है|

LGBT की भाषा अगर पल्ले नहीं पड़ती तो आपके लिए है ये वीडियो

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आयुषी ने इस वीडियो के ज़रिये बेहद सरल हिंदी भाषा में जेंडर और यौनिकता की परतों को उजागर करते हुए इसपर दर्शकों की समझ बनाने का सार्थक प्रयास किया है|
'गे संबंधों' के साथ-साथ प्रधानमंत्री का भी बना दिया मज़ाक

‘गे संबंधों’ के साथ-साथ प्रधानमंत्री का भी बना दिया मज़ाक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल की फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही थी, जिसके कैप्शन में लोग उन्हें ‘गे कपल’ के तौर पर बता रहे थे।

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ट्रेंडिंग

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

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संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

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गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
फैमिली ग्रुप्स के अश्लील व्हाट्सएप्प मेसेज – एक विश्लेषण

फैमिली ग्रुप्स के अश्लील व्हाट्सएप्प मेसेज – एक विश्लेषण

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आजकल फैमिली ग्रुप में अपने बड़े-बूढ़े और रिश्तेदारों की तरफ से शेयर किये जाने वाले कुछ उन चुनिन्दा भद्दे व्हाट्सएप्प मेसेज के बारे बात करने जा रही हूँ, जो महिलाओं के प्रति व उनसे बनाये जाने वाले रिश्ते के प्रति की अपनी घिनौनी सोच को साझा करते हैं|
भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

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भारत में स्त्री संघर्ष और स्त्री अधिकार के आन्दोलन को इसी रूप में स्वतंत्रता आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता है|
पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

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मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।