Tuesday, September 17, 2019
आर्टिकल 15 : समाज के फ़र्क को दिखाती और फ़र्क लाने की उम्मीद जगाती ‘एक ज़रूरी फिल्म’

आर्टिकल 15 : समाज के फ़र्क को दिखाती और फ़र्क लाने की उम्मीद जगाती...

आर्टिकल 15 में समाज में बनी जाति की जटिल समस्या को दिखाते हुए ये संदेश देती है कि इन परिस्थितियों को बदलने के लिए अब हमें किसी हीरो का इंतज़ार नहीं करना है|
औरत की जाति, वर्ग और उनके विकल्प

औरत की जाति, वर्ग और उनके विकल्प

महिलाएँ, जब वे खुद को व्यक्तियों के रूप में महत्वपूर्ण मानने लगती हैं, तो वे अपने परिवेश और परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करने की रणनीति तैयार करती हैं।
ख़ास बात : दलित महिला कार्यकर्ता सुमन देवठिया से।

ख़ास बात : दलित महिला कार्यकर्ता सुमन देवठिया से।

समाज में बहुत तरह की गैर बराबरी, भेदभाव व छुआछूत देखने को मिलता है और जिनके साथ भेदभाव, छुआछूत, गैर बराबरी व असमानता होती है| - सुमन देवठिया
बचपन से ही बोये जाते है लैंगिक असमानता के बीज भेदभाव

बचपन से ही बोये जाते है लैंगिक असमानता के बीज

सामाजिक रूढ़िवादी सोच के आधार पर, छोटी बच्चियों को नाज़ुक बताकर, उन्हें बचपन से ही हल्के-फुल्के खेलों में आगे बढ़ाया जाता है।
चंद्राणी मुर्मू : बेरोज़गारी से कम उम्र की सांसद बनने का सफर

चंद्राणी मुर्मू : बेरोज़गारी से कम उम्र की सांसद बनने का सफर

चंद्राणी मुर्मू केवल 25 साल की है औऱ वह बीजू जनता दल (बीजेडी) के टिकट पर क्योंझर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ी है औऱ सदन पहुंची हैं।
कौन गुरु कौन शिष्य?

कौन गुरु कौन शिष्य?

शायद परिवर्तन का नाम ही जीवन हैl हम चाहें तो पूरी उम्र नया सीख सकते हैं और बदल सकते हैंl
लोकसभा चुनाव में राम्या हरिदास की जीत,भारतीय महिलाओं का एक सपना पूरे होने जैसा है

लोकसभा चुनाव में राम्या हरिदास की जीत,भारतीय महिलाओं का एक सपना पूरे होने जैसा...

राम्या हरिदास केरल राज्य से वह एकलौती महिला सांसद हैं जिन्होनें जीत हासिल की है औऱ उनकी उम्र केवल 33 साल है और उनके पिता मज़दूर है।
डॉक्टर पायल ताडवी की हत्यारी है, हमारे समाज की सड़ी जातिगत व्यवस्था

डॉक्टर पायल ताडवी की हत्यारी है, हमारे समाज की सड़ी जातिगत व्यवस्था

जिस जहर के कारण डॉक्टर पायल तडवी को अपनी जान गँवानी पढ़ी वो जाति का जहर था, जो अपने चपेट में कितने ही अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को ले चुका है।
ख़ास बात : दलित अधिकार कार्यकर्ता मोहिनी से

ख़ास बात : दलित अधिकार कार्यकर्ता मोहिनी से

मोहिनी हरियाणा में दलित अधिकारों के लिए लगातार काम कर रही हैं| उनके बेहतर प्रयासों के लिए उन्हें दलित फाउंडेशन से फ़ेलोशिप भी मिली|
समाज के चरित्र में धब्बा है लक्ष्मणपुर बाथे जनसंहार : जस्टिस विजय प्रकाश मिश्रा

समाज के चरित्र में धब्बा है लक्ष्मणपुर बाथे जनसंहार : जस्टिस विजय प्रकाश मिश्रा

आज भी लक्ष्मणपुर बाथे गाँव के दलित समुदाय की स्थिति वही के वही पड़ी है| जहा कल थी! आज भी वहा बेरोजगारी और शिक्षा का काफी अभाव है|