वीमेन विथ डिसेबिलिटीज़ इंडिया नेटवर्क : भारतीय विकलांग महिलाओं के विकास की दिशा में एक अहम पहल

वीमेन विथ डिसेबिलिटीज़ इंडिया नेटवर्क : भारतीय विकलांग महिलाओं के विकास की दिशा में...

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वीमेन विथ डिसेबिलिटीज़ इंडिया नेटवर्क की यह मीटिंग भारतीय विकलांग महिलाओं के विकास और उनकी वर्तमान स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम पहल साबित हुई।
मानवाधिकार का ज़रूरी विषय है विकलांगता

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विकलांगता एक मानवाधिकार विषय है। यही कारण है की यूएनसीआरपीडी विकलांगता के सामाजिक मॉडल (अक्षमता भौतिक बाधाएंऔर नकारात्मक दृष्टिकोण की देन होती हैं) की बात करता है ना की मेडिकल मॉडल की(अक्षमता व्यक्ति में निहित हैं)।
औरत पर दोहरी मार जैसा है फिज़िकल डिसेबिलिटी

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शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को न केवल स्वास्थ्य सम्बन्धी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, बल्कि अपनी बीमारी या अक्षमता के चलते उन्हें पारिवारिक और सामाजिक रूप से भी कई सारी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

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अग्नि परीक्षा के बहाने इसके मूल मुद्दे 'वर्जिनिटी' की बात !

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पवित्रता की अग्नि परीक्षा आदिकाल से अब आधुनिक काल तक महिलाएँ देती आ रही हैं। लेकिन परीक्षा के तौर तरीके में अब कई बदलाव हो गया है।
इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

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संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
फैमिली ग्रुप्स के अश्लील व्हाट्सएप्प मेसेज – एक विश्लेषण

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आजकल फैमिली ग्रुप में अपने बड़े-बूढ़े और रिश्तेदारों की तरफ से शेयर किये जाने वाले कुछ उन चुनिन्दा भद्दे व्हाट्सएप्प मेसेज के बारे बात करने जा रही हूँ, जो महिलाओं के प्रति व उनसे बनाये जाने वाले रिश्ते के प्रति की अपनी घिनौनी सोच को साझा करते हैं|
पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

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लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

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गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|