Monday, November 18, 2019
मानवाधिकार का ज़रूरी विषय है विकलांगता

मानवाधिकार का ज़रूरी विषय है विकलांगता

विकलांगता एक मानवाधिकार विषय है। यही कारण है की यूएनसीआरपीडी विकलांगता के सामाजिक मॉडल (अक्षमता भौतिक बाधाएंऔर नकारात्मक दृष्टिकोण की देन होती हैं) की बात करता है ना की मेडिकल मॉडल की(अक्षमता व्यक्ति में निहित हैं)।
औरत पर दोहरी मार जैसा है फिज़िकल डिसेबिलिटी

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शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को न केवल स्वास्थ्य सम्बन्धी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, बल्कि अपनी बीमारी या अक्षमता के चलते उन्हें पारिवारिक और सामाजिक रूप से भी कई सारी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

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इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

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लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

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भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

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