Thursday, January 23, 2020
मानवाधिकार का ज़रूरी विषय है विकलांगता

मानवाधिकार का ज़रूरी विषय है विकलांगता

1
विकलांगता एक मानवाधिकार विषय है। यही कारण है की यूएनसीआरपीडी विकलांगता के सामाजिक मॉडल (अक्षमता भौतिक बाधाएंऔर नकारात्मक दृष्टिकोण की देन होती हैं) की बात करता है ना की मेडिकल मॉडल की(अक्षमता व्यक्ति में निहित हैं)।
औरत पर दोहरी मार जैसा है फिज़िकल डिसेबिलिटी

औरत पर दोहरी मार जैसा है फिज़िकल डिसेबिलिटी

1
शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को न केवल स्वास्थ्य सम्बन्धी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, बल्कि अपनी बीमारी या अक्षमता के चलते उन्हें पारिवारिक और सामाजिक रूप से भी कई सारी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

फॉलो करे

4,903FansLike
786FollowersFollow
267FollowersFollow

ट्रेंडिंग

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

2
संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

4
गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
फैमिली ग्रुप्स के अश्लील व्हाट्सएप्प मेसेज – एक विश्लेषण

फैमिली ग्रुप्स के अश्लील व्हाट्सएप्प मेसेज – एक विश्लेषण

1
आजकल फैमिली ग्रुप में अपने बड़े-बूढ़े और रिश्तेदारों की तरफ से शेयर किये जाने वाले कुछ उन चुनिन्दा भद्दे व्हाट्सएप्प मेसेज के बारे बात करने जा रही हूँ, जो महिलाओं के प्रति व उनसे बनाये जाने वाले रिश्ते के प्रति की अपनी घिनौनी सोच को साझा करते हैं|
भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

0
भारत में स्त्री संघर्ष और स्त्री अधिकार के आन्दोलन को इसी रूप में स्वतंत्रता आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता है|
पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।