Sunday, January 26, 2020

हाँ, मैं नारीवादी हूँ और मैं नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करती हूँ!

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संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ़ कोई भी कानून बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाँ, मैं नारीवादी हूँ और मैं सीएए और एनआरसी का पुरज़ोर विरोध करती हूँ।
अनेकता में एकता वाले भारतदेश में 'नारीवादी' होना

अनेकता में एकता वाले भारतदेश में ‘नारीवादी’ होना

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लोगों को खुद को नारीवादी कहने में इसीलिए हिचक होती है क्यूंकि इस शब्द के बारे जानकारी से ज़्यादा इससे संबंधित तमाम ग़लतफ़हमियां प्रचलित हैं।
इतिहास के आईने में महिला आंदोलन

इतिहास के आईने में महिला आंदोलन

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आजादी के बाद अस्सी का दशक भारत में स्त्री आंदोलन का दशक माना जाता है जब महिलाएं एक तरफ स्त्री के मसले पर लड़ रही थीं और दूसरी ओर राष्ट्रीय आंदोलन जारी थे।

मी लॉर्ड ! अब हम गैरबराबरी के खिलाफ किसका दरवाज़ा खटखटाएं – ‘सबरीमाला स्पेशल’

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सबरीमाला पर एक कड़ा फैसला दे चुका सुप्रीम कोर्ट इस बार यह फैसला नहीं ले पाया कि सबरीमाला मंदिर की प्रथा की नींव पितृसत्ता की बुनियाद पर ही टिकी हुई है।

काश ! समाज में ‘जेंडर संवेदना’ उतनी हो कि स्त्री विमर्श का विषय न...

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लैंगिक विभेद की सख्त चट्टानों, मोटे-मोटे ढेलों से टकराने के बारम्बार के अनुभवों के कारण समानता की छद्म चेतना को बनाए रखना असम्भव हो गया।

पितृसत्ता का ये श्रृंगार है महिलाओं के ख़िलाफ़ मज़बूत हथियार

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पितृसत्ता के श्रृंगार को समझना बेहद ज़रूरी है। क्योंकि स्त्री द्वेष जैसी समस्याओं का प्रमुख आधार है, जिसके अनुसार ये महिलाओं को बाँटने की कोशिश करती हैं।
मेरी यात्रा का अनुभव और महिला शौचालय की बात

मेरी यात्रा का अनुभव और महिला शौचालय की बात

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किसी महिला यात्री के लिए जिसे महिलाओं के लिए अलग से बने शौचालय इस्तेमाल करने की आदत हो, इस तरह पुरुषों के लिए बने शौचालय को इस्तेमाल कर पाना खासा असुविधाजनक हो स
केट मिलेट की ‘सेक्शुअल पॉलिटिक्स’

केट मिलेट की ‘सेक्शुअल पॉलिटिक्स’

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मिलेट ने लैंगिक परिप्रेक्ष्य में ही नहीं जाति, नस्ल, वर्ग के आधार पर होने वाले दमन को भी इस राजनीति यानी शक्ति संरचना में देखने की सिफारिश की।
फ्री ब्लीडिंग मूवमेंट : आखिर क्यों कर रही हैं महिलाएं पीरियड उत्पादों का बहिष्कार

फ्री ब्लीडिंग मूवमेंट : आखिर क्यों कर रही हैं महिलाएं पीरियड उत्पादों का बहिष्कार

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इस आंदोलन में महिलाएं मासिकधर्म के वक़्त किसी भी प्रकार के पीरियड उत्पाद का बहिष्कार करते हुए खुलकर रक्त बहाने का चुनाव करते हैं।

दिल में बेटी और विल में बेटी

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अगर बेटियों का अपने परिवार की सम्पत्ति पर कोई अधिकार न हो और रहने के हुनर उन्हें सिखाए जायें तो हर लड़की के लिए शादी ज़रूरी हो जाती है।

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इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

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संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

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गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
फैमिली ग्रुप्स के अश्लील व्हाट्सएप्प मेसेज – एक विश्लेषण

फैमिली ग्रुप्स के अश्लील व्हाट्सएप्प मेसेज – एक विश्लेषण

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आजकल फैमिली ग्रुप में अपने बड़े-बूढ़े और रिश्तेदारों की तरफ से शेयर किये जाने वाले कुछ उन चुनिन्दा भद्दे व्हाट्सएप्प मेसेज के बारे बात करने जा रही हूँ, जो महिलाओं के प्रति व उनसे बनाये जाने वाले रिश्ते के प्रति की अपनी घिनौनी सोच को साझा करते हैं|
पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।
चौबीस साल की उम्र में माँ बनना मेरा सबसे सही फैसला था : सुष्मिता सेन

चौबीस साल की उम्र में माँ बनना मेरा सबसे सही फैसला था : सुष्मिता...

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पिछले दिनों हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए सुष्मिता सेन ने एडॉप्शन पर खुलकर बातचीत की और अपने अनुभवों को बेबाकी से साझा किया|