Tuesday, September 17, 2019
केट मिलेट की ‘सेक्शुअल पॉलिटिक्स’

केट मिलेट की ‘सेक्शुअल पॉलिटिक्स’

मिलेट ने लैंगिक परिप्रेक्ष्य में ही नहीं जाति, नस्ल, वर्ग के आधार पर होने वाले दमन को भी इस राजनीति यानी शक्ति संरचना में देखने की सिफारिश की।
फ्री ब्लीडिंग मूवमेंट : आखिर क्यों कर रही हैं महिलाएं पीरियड उत्पादों का बहिष्कार

फ्री ब्लीडिंग मूवमेंट : आखिर क्यों कर रही हैं महिलाएं पीरियड उत्पादों का बहिष्कार

इस आंदोलन में महिलाएं मासिकधर्म के वक़्त किसी भी प्रकार के पीरियड उत्पाद का बहिष्कार करते हुए खुलकर रक्त बहाने का चुनाव करते हैं।

दिल में बेटी और विल में बेटी

अगर बेटियों का अपने परिवार की सम्पत्ति पर कोई अधिकार न हो और रहने के हुनर उन्हें सिखाए जायें तो हर लड़की के लिए शादी ज़रूरी हो जाती है।
हम सभी को नारीवादी क्यों होना चाहिए? - जानने के लिए पढ़िए ये किताब

हम सभी को नारीवादी क्यों होना चाहिए? – जानने के लिए पढ़िए ये किताब

'व्ही शुड ऑल बी फेमिनिस्ट्स' में अदीची के जीवन से जुड़े कुछ ऐसे किस्से हैं, जिन्हें उन्होंने नाइजीरिया में अनुभव किया है।
इसे नारीवाद ही क्यों कहते हैं, समतावाद या मानववाद क्यों नहीं?

इसे नारीवाद ही क्यों कहते हैं, समतावाद या मानववाद क्यों नहीं?

नारीवाद पर विश्वास करने वालों को अक्सर इस बहस का सामना करना पड़ता है कि जब ‘नारीवाद’ का मूलभाव समानता है तो इसे ‘मानवतावाद’ या फिर ‘समतावाद’ क्यों नहीं कहा जाता है|
9 नारीवादी लेखिकाओं के लेखन से समझें नारीवाद

9 नारीवादी लेखिकाओं के लेखन से समझें नारीवाद

इन नारीवादी लेखिकाओं ने अपने लेखन के माध्यम से अपने-अपने देशकाल को ध्यान में रखकर नारीवाद की एक वृहत परिभाषा को गढ़ा, जो हमें नारीवाद को समझने में बेहद मददगार साबित होती है|
नये जमाने की हिंदी कविता और नारीवाद

नये जमाने की हिंदी कविता और नारीवाद

'हिंदी कविता में नारीवाद' के बारे में बात की जाए तो भी इस विषय से जुड़े सभी नामों पर एक साथ चर्चा कर पाना मुमकिन नहीं है। इस लेख में मौजूदा समय की कवयित्रियों की कुछ चुनिंदा कविताओं के बारे में बात की जा रही है।
फैमिनाज़ी : लैंगिक समानता का उग्र विरोधी

फैमिनाज़ी : लैंगिक समानता का उग्र विरोधी

हमें फैमिनाज़ी शब्द और इसके भावार्थ को समझना होगा क्योंकि महिला हित की खोल में ये शब्द सीधे तौर पर महिला और जेंडर के मुद्दों का विरोधी है|

नारीवादी से जुड़ी 4 गलतफहमी: नारीवाद के ढोंगीजामे से

आइये जानते हैं नारीवाद से जुडी चार गलतफहमी क्योंकि ‘आदर्श नारीवादी’ बनने के लिए किसी सांचे में ढलने की नहीं विचार की ज़रूरत होती है|
औरत का अस्तित्व और पराये धन की बात

औरत का अस्तित्व और पराये धन की बात

संपत्ति के नामपर लड़की के साथ होने वाले भेदभाव का सिर्फ एक आधार होता है कि वो लड़की है| फिर चाहे उसे बेटी समझा जाए या बहु|