Intersectional Feminism—Desi Style!
Home Authors Posts by Pooja Priyamvada

Pooja Priyamvada

2 POSTS 0 COMMENTS
पूजा प्रियंवदा एक अनुवादक, लेखक, ऑनलाइन कंटेंट सलाहकार एवं द्विभाषी ब्लॉगर हैं। वे अनेक अंतरराष्ट्रीय एवं भारतीय वेबसाइट और न्यूज़ साइट के लिए लिखती हैं। उन्होंने मानव कौल की पुस्तक "प्रेम कबूतर" का अंग्रेजी अनुवाद किया है और "मेन्टल हेल्थ: ए प्राइमर", और "पापा एंड आई" दो इ- पुस्तकों की लेखक हैं। इसके अतिरिक्त वो भारत में साइकोलॉजिकल फर्स्ट ऐड/ मनोविज्ञान सम्बन्धी प्राथमिक मदद भी देती हैं तथा विकलांगता अधिकारों , यौनिक शोषण और समानता, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, माहवारी जागरूकता, सेक्स एजुकेशन जैसे अनेक विषयों पर निजि तौर से और अनेक संस्थाओं के साथ जुड़ी हैं।

ट्रेंडिंग

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

2
संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
पितृसत्ता क्या है? – आइये जाने  

पितृसत्ता क्या है? – आइये जाने  

पितृसत्ता एक ऐसी व्यवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें पुरुषों का महिलाओं पर वर्चस्व रहता है और वे उनका शोषण और उत्पीड़न करते हैं|
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

6
गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|

आपके पसंदीदा लेख

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

6
गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

2
नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।

फॉलो करे

5,840FansLike
1,399FollowersFollow
1,224FollowersFollow