हिंदी में होगी अब जेंडर और नारीवाद की बात फेमिनिज़म इन इंडिया के साथ
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Pooja Priyamvada

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पूजा प्रियंवदा एक अनुवादक, लेखक, ऑनलाइन कंटेंट सलाहकार एवं द्विभाषी ब्लॉगर हैं। वे अनेक अंतरराष्ट्रीय एवं भारतीय वेबसाइट और न्यूज़ साइट के लिए लिखती हैं। उन्होंने मानव कौल की पुस्तक "प्रेम कबूतर" का अंग्रेजी अनुवाद किया है और "मेन्टल हेल्थ: ए प्राइमर", और "पापा एंड आई" दो इ- पुस्तकों की लेखक हैं। इसके अतिरिक्त वो भारत में साइकोलॉजिकल फर्स्ट ऐड/ मनोविज्ञान सम्बन्धी प्राथमिक मदद भी देती हैं तथा विकलांगता अधिकारों , यौनिक शोषण और समानता, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, माहवारी जागरूकता, सेक्स एजुकेशन जैसे अनेक विषयों पर निजि तौर से और अनेक संस्थाओं के साथ जुड़ी हैं।

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हिंदी साहित्य के छायावादी युग की प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित कवियत्री महादेवी वर्मा की गद्य एवं पद्य की रचनाओं से उनके व्यक्तित्व के दो पहलू देखने को मिलते हैं|

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