हिंदी में होगी अब जेंडर और नारीवाद की बात फेमिनिज़म इन इंडिया के साथ
Home Tags Periods myths

Tag: Periods myths

ट्रेंडिंग

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

2
संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
मेरठ में घर के दरवाज़े पर महिलाओं ने लगाएं पीरियड्स चार्ट, घर के मर्दों ने भी दिया साथ

मेरठ में घर के दरवाज़े पर महिलाओं ने लगाए पीरियड्स चार्ट, घर के मर्दों...

0
पीरियड्स चार्ट की मुहिम को मेरठ में साल 2021 के अंतिम में शुरू किया गया। मेरठ में अलग-अलग स्थानों पर इस मुहिम से जुड़े पोस्टर लगवाए गए। महिलाओं से संवाद किया गया और स्कूल और कॉलेजों के माध्यम से भी छात्राओं से इस मुद्दे पर बातचीत की गई। इसकी मुहिम की शुरूआत में लगभग 250 घरों में महिलाओं को पीरियड्स चार्ट बांटे गए थे।
सुरैया तैयबजी: राष्ट्रीय ध्वज को डिज़ाइन करने में जिन्होंने निभाई थी अहम भूमिका| #IndianWomenInHistory

सुरैया तैयबजी: राष्ट्रीय ध्वज को डिज़ाइन करने में जिन्होंने निभाई थी अहम भूमिका| #IndianWomenInHistory

0
आज जब छद्म राष्ट्रवादियों द्वारा मुस्लिमों की देशभक्ति पर सवाल उठाया जा रहा हो तो ऐसे में अल्पसंख्यक समुदाय से आनेवाली सुरैया तैयबजी को याद करना और देश के प्रति उनके इस योगदान को लोगों के सामने लाना बेहद जरूरी हो जाता है।

आपके पसंदीदा लेख

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

3
मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

6
गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

2
नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।

फॉलो करे

7,127FansLike
2,948FollowersFollow
3,039FollowersFollow
1,150SubscribersSubscribe
Skip to content