हिंदी में होगी अब जेंडर और नारीवाद की बात फेमिनिज़म इन इंडिया के साथ
Home Tags Shankar guitar

Tag: shankar guitar

ट्रेंडिंग

नारीवाद का पहला चरण : 'फर्स्ट वेव ऑफ फेमिनिज़म' का इतिहास

नारीवाद का प्रथम चरण : ‘फर्स्ट वेव ऑफ फेमिनिज़म’ का इतिहास

1
नारीवादी आंदोलन का प्रथम चरण महिलाओं के मौलिक अधिकार और पुरुषों के समान स्त्री को रखने की दिशा में मताधिकार की मांग मूल रूप से कर रहा था।
पितृसत्ता क्या है? – आइये जाने  

पितृसत्ता क्या है? – आइये जाने  

पितृसत्ता एक ऐसी व्यवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें पुरुषों का महिलाओं पर वर्चस्व रहता है और वे उनका शोषण और उत्पीड़न करते हैं|
हिलता हुआ 'लिहाफ़' यौनिकता के पहलूओं की कहानी

हिलता हुआ ‘लिहाफ़’ जिस रचना के बोझ तले दबी रहीं इस्मत

0
इस्मत चुग़ताई की चर्चित विवादित कहानी लिहाफ, लिहाफ कहानी जिसने भी पढ़ी वह इस कहानी का मुरीद हो गया। कहानी के संवाद को इस्मत चुग़ताई ने बखूबी लिखा। साल 1942 में छपी, इस्मत चुग़ताई की उर्दू लघु कहानी ‘लिहाफ़’ एक युवा लड़की के बारे में है, जिससे उसकी मां की गोद ली हुई बहन बेग़म जान उसके साथ छेड़छाड़ करती है। युवा लड़की के दृष्टिकोण से सुनाई गई है।

आपके पसंदीदा लेख

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

3
मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

6
गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

2
नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।

फॉलो करे

7,127FansLike
2,948FollowersFollow
2,990FollowersFollow
1,080SubscribersSubscribe
Skip to content