हिंदी में होगी अब जेंडर और नारीवाद की बात फेमिनिज़म इन इंडिया के साथ
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Ramkinkar Kumar

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रामकिंकर ने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी से बैचलर्स ऑफ़ आर्ट्स (ऑनर्स) फ्रेंच से अपनी बैचलर्स की डिग्री पूरी की| साहित्य-क्षेत्र से यू-टर्न लेते हुए इन्होंने महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ से बैचलर्स ऑफ़ लॉ की डिग्री पूरी की| सालभर बच्चों के अखबार ‘बालगुरु प्लस’ में बतौर रीजनल मार्केटिंग हेड काम करने के बाद इन्होंने अपने लिए समाजकार्य के क्षेत्र को चुना और मौजूदा समय में बनारस के ग्रामीण क्षेत्रों में जेंडर और महिला-स्वास्थ्य के मुद्दे पर काम कर रहे है|

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रानी अब्बक्का चौटा: भारत की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी | #IndianWomenInHistory

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रानी अब्बक्का चौटा का स्थान न सिर्फ इतिहास में महत्वपूर्ण है बल्कि वे आज के समय में भी एक सशक्त महिला के रूप में बेहतरीन उदाहरण हैं।
इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

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संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
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