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सुरैया तैयबजी: राष्ट्रीय ध्वज को डिज़ाइन करने में जिन्होंने निभाई थी अहम भूमिका| #IndianWomenInHistory

सुरैया तैयबजी: राष्ट्रीय ध्वज को डिज़ाइन करने में जिन्होंने निभाई थी अहम भूमिका| #IndianWomenInHistory

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आज जब छद्म राष्ट्रवादियों द्वारा मुस्लिमों की देशभक्ति पर सवाल उठाया जा रहा हो तो ऐसे में अल्पसंख्यक समुदाय से आनेवाली सुरैया तैयबजी को याद करना और देश के प्रति उनके इस योगदान को लोगों के सामने लाना बेहद जरूरी हो जाता है।
इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

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संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
बात ज़ेवियर्स की महिला प्रोफेसर के इस्तीफे, महिलाओं की मोरल पोलिसिंग और निजता के हनन की

बात ज़ेवियर्स की महिला प्रोफेसर के इस्तीफे, महिलाओं की मोरल पोलिसिंग और निजता के...

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विश्वविद्यालय ने यह निर्णय लिया कि प्रोफेसर की निजी तस्वीरें 'आपत्तिजनक' हैं। इस बुनियाद पर उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा गया। ख़बरों के मुताबिक कथित रूप से 'आपत्तिजनक' बताई गई तस्वीरें उनकी निजी तस्वीरें थी जो स्विमसूट, शॉर्ट्स और जिम के कपड़ों में ली गई थीं। उन्होंने ये तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ के रूप में साझा की थीं।

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पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

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मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

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गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

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नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।

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