हिंदी में होगी अब जेंडर और नारीवाद की बात फेमिनिज़म इन इंडिया के साथ
Home Authors Posts by Eshwari Shukla

Eshwari Shukla

4 POSTS 0 COMMENTS
Eshwari is working with Feminism in India (Hindi) as a content creator. She has completed her postgraduate diploma in broadcast journalism. Earlier she has worked with Gaon Connection, Design Boxed and The Better India.

ट्रेंडिंग

क्वीयर समुदाय के मानसिक स्वास्थ्य पर बात करना ज़रूरी है

क्वीयर समुदाय के मानसिक स्वास्थ्य पर बात ज़रूरी है

0
भारत में पूर्वाग्रहों से ग्रसित डॉक्टरों और काउंसलरों के कारण क्वीयर समुदाय को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। यह भी एक बड़ी वजह है कि इस समुदाय के लोग आज भी मेंटल हेल्थ काउंसलर या चिकित्सकों के पास जाने में सहज महसूस नहीं करते।
इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

2
संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
रूपाबाई फरदुनजी: दुनिया की पहली एनेस्थेटिस्ट

रूपाबाई फरदुनजी : दुनिया की पहली एनेस्थेटिस्ट| #IndianWomenInHistory

0
रूपाबाई एक ऐसे समय में डॉक्टर और विश्व की सबसे पहली एनेस्थेटिस्ट बनीं; जब दुनियाभर में महिला चिकित्सकों की संख्या ना सिर्फ गिनीचुनी थीं पर कहीं पर एक भी एनेस्थीसिया पर विशेषज्ञ डॉक्टर का अस्तित्व नहीं था।

आपके पसंदीदा लेख

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

3
मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

6
गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।

फॉलो करे

7,127FansLike
2,948FollowersFollow
2,597FollowersFollow
662SubscribersSubscribe
Skip to content