ऋत्विक दास एक नॉन बाइनरी ट्रांस पर्सन हैं, जो पिछले 5 वर्षों से लखनऊ में ‘अवध प्राईड कमिटी ’ के साथ एलजीबीटी+ मुद्दों पर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। साथ ही लखनऊ स्थित हमसफर महिला सहायता केंद्र में कार्यरत हैं।
संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|
नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।