‘अछूत कन्या’: जातिवाद और पितृसत्ता पर सवाल खड़े करती जरूरी फिल्मBy Sakshi Raj 5 min read | Apr 23, 2026
‘फेंड्री’ : बचपन, प्यार और जातिगत भेदभाव के कारण टूटते सपनों की कहानीBy Jyoti Shukla 6 min read | Apr 20, 2026
जातिवादी व्यवस्था को आईना दिखाती छत्तीसगढ़ की पहली फ़िल्म ‘कहीं देबे संदेश’By Rachna 5 min read | Jan 7, 2025
मौजूदा दौर में क्यों प्रासंगिक है जातिवादी समाज के चेहरे को उधेड़ती फ़िल्म ‘दामुल’By Aashika Shivangi Singh 6 min read | Nov 21, 2022