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Heena Fatima

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दिल्ली से ताल्लुक़ रखती हूं और जर्नालिज़्म मेरी जिंदगी का अहम हिस्सा है। स्टूडेंट एक्टिविज़्म में सक्रिय रहकर अपनी सोच को धार दी है। साथ ही मैं रूढ़िवाद, पितृसत्ता और पूंजीवाद को फ़ेक्ट की मार के साथ अपनी रिपोर्ट में बेबाकी से रखने की कोशिश करती हूँ। महिला, दलित, आदिवासी, माइनॉरिटीज़ और समाज के हाशिये पर खड़े आख़िरी शख़्स की आवाज़ को अपनी रिपोर्ट के ज़रिए बुलंद करना चाहती हूँ।

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नांगेली से लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट के फ़ैसले तक, यहां हर गुनाह के लिए महिला होना ही कसूरवार है

नांगेली से लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट के फ़ैसले तक, यहां हर गुनाह के लिए महिला...

एनसीआरबी 2019 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में बलात्कार के कुल 31,755 मामले दर्ज किए गए, यानी औसतन प्रतिदिन 87 मामले। ऐसे में एक महिला जज की तरफ़ से इस तरह का फैसला आना उन महिलाओं के बल और साहस को कमज़ोर करेगा जो हिम्मत कर के अपने खिलाफ़ हो रहे गलत को गलत कहने का साहस रखती है।
इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

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संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

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गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|

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पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

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मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

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उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

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नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।

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