समाजराजनीति नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में वे महिला मंत्री जिन्होंने बनाई अपनी जगह

नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में वे महिला मंत्री जिन्होंने बनाई अपनी जगह

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में सात महिला मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिनमें से दो महिला मंत्री को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि अन्य पांच महिला मंत्रियों को राज्य मंत्री का पद दिया गया है। मोदी के तीसरे कार्यकाल में महिला मंत्रियों की संख्या 12 से घटकर अब सात हो गई है।

9 जून को नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार देश के प्रधान मंत्री के तौर पर शपथ ली। कैबिनेट में 71 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया, जिनमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 36 राज्य मंत्री बनाए गए। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में सात महिला मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिनमें से दो महिला मंत्री को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि अन्य पांच महिला मंत्रियों को राज्य मंत्री का पद दिया गया है। मोदी के तीसरे कार्यकाल में महिला मंत्रियों की संख्या 12 से घटकर अब सात हो गई है।

2019 में मोदी कैबिनेट में 12 महिलाएं शामिल थीं, जिनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत बादल कैबिनेट मंत्री के पद पर रही थी। इनके अलावा निरंजन ज्योति, शोभा के, प्रतिमा भौमिक, अनुप्रिया पटेल,अन्नपूर्णा देवी, मीनाक्षी लेखी, रेणुका सारुता, भारती पवार, दर्शना जरदोष राज्य मंत्री थी। आईए जानते हैं वे 7 महिला मंत्रियों के बारे में जिन्होंने इस बार कैबिनेट में जगह बनाई।

रक्षा खडसे 

तस्वीर साभार: Deccan Herald

महाराष्ट्र की रक्षा खडसे ने मोदी कैबिनेट में युवा कल्याण एवं खेल विभाग के राज्य मंत्री का पदभार संभाला है। नई मोदी कैबिनेट में महाराष्ट्र से एकमात्र महिला मंत्री रक्षा खडसे लगातार तीसरी बार लोकसभा के लिए चुनी गई है। रक्षा महाराष्ट्र के एनसीपी नेता एकनाथ खडसे की बहू है। रक्षा खाडसे महाराष्ट्र के रावेर से दो बार की भाजपा सांसद रह चुकी है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्होंने मंत्री पद हासिल किया है। रक्षा ने शादी के बाद की राजनीति में कदम रखा। उन्होंने सबसे पहले सरपंच के तौर पर काम किया है। रक्षा कोथली गांव की सरपंच रही, इसके बाद जिला परिषद और जिला परिषद अध्यक्ष भी रही। इसी दौरान वह भाजपा के साथ राजनीति में सक्रिय रही। 2014 में रेवर लोकसभा सीट से भाजपा ने उन्हें पहली बार उम्मीदवार घोषित किया और 26 साल की उम्र में रक्षा पहली बार रेवर से सांसद बनी। 37 वर्षीय रक्षा वह लेवा पटेल कृषक समुदाय से आती हैं। 26 वर्ष की आयु में वह 16वीं लोकसभा में सबसे कम उम्र की सांसद बनी थीं।

अन्नपूर्णा देवी

आदिवासी बहुल राज्य झारखंड से अन्नपूर्णा देवी मोदी भी कैबिनेट में शामिल हुई है। अन्नपूर्णा देवी को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। झारखंड के कोडरमा से सांसद बनी अन्नपूर्णा देवी पिछली मोदी सरकार में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री रह चुकी हैं। 2019 में देवी भाजपा में शामिल हुई थी, उसके पहले वह राजद के टिकट पर पांच बार विधानसभा चुनाव जीतती रही हैं। राजद से ही उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। 1998 में अपने पति रमेश यादव की मृत्यु के बाद अचानक ही देवी को रानजीति में उतरना पड़ा।

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पहली बार राजद के टिकट पर उन्होंने कोडरमा विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल की। लगातार 2000, 2004, 2005 और 2009 में इस सीट से अन्नपूर्णा देवी जीत हासिल करती रही। इसके बाद 2012 में उन्हें झारखंड सरकार ने मंत्री भी बनाया गया। 55 वर्षीय अन्नपूर्णा देवी निर्मला सीतारमण के अलावा कैबिनेट में दूसरी महिला मंत्री हैं।  देवी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से आती है। इस चुनाव में देवी ने सीपीआई (एमएल) के विपक्षी उम्मीदवार विनोद कुमार सिंह को कोडरमा में 3 लाख वोटों से हराया है।

अनुप्रिया पटेल

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लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा का प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला था। यूपी में एनडीए के सहयोगी रहे अपना दल(एस) को मात्र एक सीट पर जीत मिली। यूपी की मिर्जापुर लोकसभा क्षेत्र से अनुप्रिया पटेल ने 37 हजार वोटों से समाजवादी पार्टी उम्मीदवार रमेश चंद बिंद को हराया है। मिर्जापुर सीट जीतने के बाद मोदी सरकार की सबसे युवा मंत्री अनुप्रिया पटेल को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। इसके पहले पटेल 2016 से 2019 तक भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री रह चुकी हैं। 2021 में इन्हें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया था। कुर्मी समुदाय से आने वाली अनुप्रिया पटेल राजनीति में आने से पहले अमेटी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रह चुकी हैं। अनुप्रिया ने अपनी शिक्षा लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमेन, छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी‌ और कानपुर यूनिवर्सिटी से पूरी की है। इनके पास बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स डिग्री है।

सावित्री ठाकुर

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महाराष्ट्र की धार सीट से चुनाव जीतने के बाद 46 वर्षीय सावित्री को मोदी कैबिनेट में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में राज्य  मंत्री बनाया गया है। एमपी की सावित्री ठाकुर लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने से पहले पंचायत स्तर तक का काम संभाल चुकी है। 2004 से 2009 के बीच उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्य संभाला है। साथ ही सावित्री ठाकुर ने संसदीय समिति में सदस्य की भी भूमिका निभाई है। राजनीति में कदम रखने से पहले सावित्री ठाकुर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल रहीं। सामाजिक कार्यकर्ता सावित्री ने धीरे-धीरे राजनीति की तरफ रुख किया और मोदी कैबिनेट के तीसरे कार्यकाल में मंत्री बनी हैं। पहली बार 2014 के आम चुनाव में इन्हें भाजपा ने धार सीट से टिकट दिया था। अनुसूचित जनजाति के लिए रिजर्व सीट से सावित्री ठाकुर ने जीत हासिल की है। सावित्री ने 2024 के आम चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राधेश्याम मुवेल को 2 लाख 18 हजार वोटों से हराया है। 

शोभा करंदलाजे 

मोदी कैबिनेट में शोभा करंदलाजे ने केंद्रीय कैबिनेट में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली। 2024 के आम चुनाव में उन्होंने देश की तीसरी सबसे बड़ी लोकसभा सीट बेंगलुरु उत्तर पर कांग्रेस उम्मीदवार एम राजीव गौड़ा को 2 लाख 59 हजार वोटों से हराया है। इस जीत के साथ ही करंदलाजे बेंगलुरु से पहली महिला सांसद बनी है। मोदी केबिनेट में करंदलाजे ने कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री के तौर पर भी काम किया है। इसके साथ ही वह कर्नाटक भाजपा की उपाध्यक्ष और उडुपी चिक्कममगलुरु लोकसभा सीट से सांसद रही है।

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शोभा भाजपा से 2004 में एमएलसी बनाई गई, इसके बाद 2008 में विधानसभा चुनाव लड़ा और बेंगलुरु के यशवंतपुर से विधायक बनीं। इस दौरान उन्होंने बीएस यदुरप्पा सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली। 2010 में उन्हें ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। साथ ही खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग भी शोभा को दिया गया था। 57 वर्षीय शोभा करंदलाजे ने मैसूर के ओपन यूनिवर्सिटी से सोशलॉजी में स्नातकोत्तर और मास्टर ऑफ सोशल वर्क पढ़ाई की है। साथ ही बेंगलुरु यूनिवर्सिटी से स्कूल ऑफ़ सोशल वर्क की भी पढ़ाई की है।

निर्मला सीतारमण

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64 वर्षीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहली महिला है जिन्हें मोदी कैबिनेट में लगातार तीसरी बार जगह मिली है। निर्मला सीतारमण को वित्त एवं कारपोरेट मामलों का मंत्री बनाया गया है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी उन्होंने यही दोनों मंत्रालयों को संभाला था। निर्मला सीतारमण पहली बार मोदी कैबिनेट में 2014 में शामिल हुई थीं। 2014 में उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के रूप में कार्य किया। 2017 में उन्हें रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई और वह पूर्णकालिक रूप से रक्षा मंत्रालय संभालने वाली पहली महिला बनी थीं। 

नीमूबेन बांभनिया

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57 वर्षीय निमूबेन जयंतीभाई बांभनिया भाजपा की उन तीन महिला कैंडिडेट में से एक है, जिन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 में गुजरात से जीत हासिल की है। निमूबेन को इस जीत के बाद मोदी कैबिनेट में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजानिक वितरण मंत्रालय का राज्य मंत्री बनाया गया। निमूबेन ने भावनगर लोकसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी उम्मीदवार उमेश मकवाना को साढे 4 लाख वोटों से हराया। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से आने वाली निमूबेन ने राजनीति में आने से पहले शिक्षिका के तौर पर काम किया है। भावनगर की मेयर के तौर पर भी दो बार 2009-10 और 2015-18 में काम किया है। इसके अलावा भाजपा महिला मोर्चा की राज्य स्तर पर 2013 और 2021 में वाइस प्रेसिडेंट भी रही हैं।

About the author(s)

मेरा नाम सौम्या सिन्हा है. मैं बिहार की रहने वाली हूं. मौजूदा समय में मैं डेमोक्रेटिक चरखा में कंटेंट राइटिंग के काम से जुड़ी हुई हूं. अपने काम के जरिए मैं रोजाना फेमिनिज्म से जुड़े कुछ विचार और सवालों को साझा करने की कोशिश करती हूं.

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