हिंदी में होगी अब जेंडर और नारीवाद की बात फेमिनिज़म इन इंडिया के साथ
Home Authors Posts by Ritika

Ritika

46 POSTS 0 COMMENTS
Ritika is a reporter at core. She knows what it means to be female reporter, within the organisation and outside. This young enthusiast has been awarded by prestigious Laadli Media Awards and Breakthrough Reframe Media Awards for her gender sensitive writing. Ritika is biased and her pen favours the marginalised.

ट्रेंडिंग

आईआईटी खड़गपुर की प्रोफेसर सीमा सिंह के बहाने अकादमिक दुनिया में मौजूद जातिवाद पर एक नज़र

आईआईटी खड़गपुर की प्रोफेसर सीमा सिंह के बहाने बात अकादमिक दुनिया में मौजूद जातिवाद...

हैदराबाद विश्वविद्यालय के रोहित विमुला की संस्थागत हत्या ऐसे ही भेदभाव का दुखद परिणाम है। वेमुला ने अपनी चिट्ठी में इस बात का ज़िक्र किया था, उन्होंने लिखा था कि कैसे लोगों को अकादमिक दुनिया में, सड़कों पर, राजनीति में, जीवन और मृत्य में केवल 'आइटम' और 'थिंग' यानी सामान की तरह देखा जाता है, उन्हें सिर्फ गिनती के लिए रखा जाता है।
इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

2
संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
शादी का रिश्ता सत्ता का नहीं साझेदारी का बने

शादी के बाद ‘पति-पत्नी’ नहीं बल्कि ‘साथी’ बनना है समानता का पहला क़दम

1
समाज में अपने साथ होने वाली घरेलू हिंसा को छुपाती ऐसी कई औरतें हैं जो अपने पति को ईश्वर मानती है और उनके ऊपर हाथ उठाए जाने को भी सही ठहराती है।

आपके पसंदीदा लेख

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

6
गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

2
नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।

फॉलो करे

7,003FansLike
2,948FollowersFollow
1,828FollowersFollow