हिंदी में होगी अब जेंडर और नारीवाद की बात फेमिनिज़म इन इंडिया के साथ
Home Authors Posts by Vanshika Pal

Vanshika Pal

10 POSTS 0 COMMENTS
मेरा नाम वांशिक पाल है| दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज की छात्रा हूँ| दिल्ली में ही हमेशा से रही हूँ, तो दिल्ली की गलियों को ही देखा है, लेकिन ताज्जुब की बात तो यह है की अभी तक पूरी दिल्ली नहीं देखी| बात करें मेरे बारें में तो अभी तक मुझे इतना ही पता है, जितना मेरे आधार कार्ड पर फिट हो सकें| अपने बारें में कभी इतनी गहराई में सोचनें का मौका ही नहीं मिला, क्योंकि अभी तक के सारे फैसले घरवालों ने लिए है| अब सोचती हूँ, तो लगता है जैसे अभी तक तो कुछ किया ही नहीं है| बाकी पेंटिंग करना, गाने सुनना, किताबें पढ़ना और छोटे बाल रखना मेरे कुछ शौक है| हर जगह गलतियाँ करना जैसे मेरा एक मात्र काम है| बाकी ज़िंदगी में कुछ नया सीखने की कोशिश में लगी रहती हूँ, लेकिन उनसे बोर भी बहुत जल्दी हो जाती हूँ| सिनेमा देखना, गानों के साथ गाने गाना और आस पास की कहानियों को अपने फोन में रखना जैसे एक मात्र प्यार है| बाकी हर एक बात पर "क्यों?" पूछना पसंद करती हूँ|

ट्रेंडिंग

पितृसत्ता क्या है? – आइये जाने  

पितृसत्ता क्या है? – आइये जाने  

पितृसत्ता एक ऐसी व्यवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें पुरुषों का महिलाओं पर वर्चस्व रहता है और वे उनका शोषण और उत्पीड़न करते हैं|
भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

0
भारत में स्त्री संघर्ष और स्त्री अधिकार के आन्दोलन को इसी रूप में स्वतंत्रता आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता है|
नीलोत्पल मृणाल केस: सारे सवाल सर्वाइवर से ही क्यों?

नीलोत्पल मृणाल केस: सारे सवाल सर्वाइवर से ही क्यों?

0
बात यहां सिर्फ साहित्यिक दुनिया की चुप्पी की नहीं है। बात है उस भीड़ की भी है जो एकदम स्तरहीन भाषा को अपना हथियार बनाकर सर्वाइवर की मोरल पोलिसिंग में जुटी है।

आपके पसंदीदा लेख

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

3
मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

6
गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

2
नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।

फॉलो करे

7,127FansLike
2,948FollowersFollow
2,980FollowersFollow
1,060SubscribersSubscribe
Skip to content