पंचायती चुनाव में कौन सा बटन दबाएंगी महिलाएं, आज भी मर्द करते हैं तय!By Sakshi Mishra 5 min read | Mar 8, 2023
रोज़गार के क्षेत्र में आज भी ट्रांस समुदाय का प्रतिनिधित्व नदारद क्यों?By Masoom Qamar 5 min read | Feb 28, 2023
दो बीघा ज़मीन: आखिर फ़िल्म की प्रासंगिकता खत्म क्यों नहीं हो रही है?By Rupam Mishra 7 min read | Feb 28, 2023
ग्रामीण इलाकों में विटिलिगो से जुड़े मिथ्यों के कारण भेदभाव और तिरस्कार का सामना करतीं औरतेंBy Rupam Mishra 5 min read | Feb 27, 2023
लाखों रुपये की शादियों में कुछ हज़ार रुपयों पर घंटों काम करतीं घरेलू कामगारों की आपबीती!By Pooja Rathi 8 min read | Feb 27, 2023
बात अग्रणी महिला वास्तुकार प्रेरिन जमशेदजी और उर्मिला चौधरी कीBy Aashika Shivangi Singh 6 min read | Feb 24, 2023
डीजे और ऑर्केस्ट्रा के अश्लील गीतों में लहालोट पूरब का सामंती लोक- समाजBy Rupam Mishra 6 min read | Feb 20, 2023
प्रेम के परिदृश्य में अवध: प्रेम को मारकर किसी देश की आत्मा में क्या बचेगाBy Rupam Mishra 5 min read | Feb 20, 2023
जैन यूनिवर्सिटी की घटना बताती है जातिवाद शिक्षण संस्थानों में कितना ‘नॉर्मलाइज़’ किया जा चुका हैBy Aashika Shivangi Singh 5 min read | Feb 17, 2023
पितृसत्तात्मक जेंडर बाइनरी को खत्म करने के लिए पब्लिक स्पेस का ‘जेंडर न्यूट्रल’ होना क्यों है ज़रूरीBy Pooja Rathi 5 min read | Feb 17, 2023
भारतीय औरतें हर दिन 7.2 घंटे अवैतनिक घरेलू काम में बिताती हैंः रिसर्चBy Pooja Rathi 7 min read | Feb 16, 2023
AISHE रिपोर्ट और उच्च शिक्षा के आंकड़ों से नदारद ट्रांसजेंडर विद्यार्थीBy Nisha Bharti 6 min read | Feb 15, 2023
उच्च शिक्षा में घट रहा है अल्पसंख्यक विद्यार्थियों का दाख़िला: AISHE रिपोर्टBy Masoom Qamar 5 min read | Feb 13, 2023
सुप्रीम कोर्ट ने भेजा राज्यों को नोटिस, क्या इससे बदल पाएगा पूर्वाग्रहों पर आधारित धर्मांतरण विरोधी कानून?By Aashika Shivangi Singh 5 min read | Feb 13, 2023
संत रविदास का बेगमपुरा कैसे सही मायनों में था एक समाजवादी समाजBy Aashika Shivangi Singh 6 min read | Feb 10, 2023