मेट्रो इन दिनों: प्रेम, उलझन और उम्मीद की वापसी दिखाती एक औसत फिल्मBy Sonali Rai 6 min read | Jul 21, 2025
सितारे ज़मीन पर: संवेदनशीलता से बुनी गई एक सरल लेकिन असरदार फिल्मBy Sonali Rai 6 min read | Jul 4, 2025
पितृसत्तात्मक व्यवस्था की पड़ताल करती फिल्म ‘कोर्ट: स्टेट वर्सेस अ नोबडी’By Sonali Rai 7 min read | May 27, 2025
‘फुले’: जाति और जेंडर आधारित अन्याय के ख़िलाफ़ एक ज़रूरी सिनेमाई दस्तावेज़By Sonali Rai 7 min read | May 7, 2025
स्वेटर: नारीवाद की ऊन से बुनी एक साधारण लड़की की असाधारण कहानीBy Sahil Firoz 5 min read | Apr 17, 2025
गर्ल्स विल बी गर्ल्स: स्त्री की इच्छाओं और संघर्ष की झलक दिखाती संवेदनशील फिल्मBy Rupam Mishra 6 min read | Jan 15, 2025
जातिवादी व्यवस्था को आईना दिखाती छत्तीसगढ़ की पहली फ़िल्म ‘कहीं देबे संदेश’By Rachna 5 min read | Jan 7, 2025
आत्महत्या से होती मौत, जीवन संघर्ष और उम्मीद का संदेश देती फिल्म ‘नॉट टुडे’By Malabika Dhar 6 min read | Nov 21, 2024
‘ऑल इंडिया रैंक’: आईआईटी की अंधी दौड़ और बच्चों पर थोपे सपनों की कहानी को दिखाती फिल्मBy Ravi Samberwal 7 min read | Nov 5, 2024