Tuesday, December 10, 2019
ड्रीमगर्ल

बाज़ारवादी ज़िंदगी के रिश्तों की हकीकत और उत्पीड़क संस्कृति का जंजाल वाया ‘ड्रीमगर्ल’

ड्रीमगर्ल नए तरह की कॉमेडी फिल्म है, जिसमें नया विषय है, जिसमें फेंडशिप कॉलसेंटर में फीमेल की जगह काम करने वाला असामान्य स्किल का सामान्य हीरो करन है।
लाइबि ओइनम : मणिपुर की पहली महिला ऑटो चालक

लाइबि ओइनम : मणिपुर की पहली महिला ऑटो चालक

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लाइबि ओइनम नाम है उस साहसी माँ का जिसने मणिपुर की पहली महिला ऑटो रिक्शा चालक के रूप में अपनी पहचान बनाई है। वह मणिपुर की पहली महिला ऑटो चालक हैं।
वो लड़कियाँ जिन्हें आज भी शिक्षा के दीपक से अपनी ज़िंदगी की दीपावली मनाने का इंतज़ार है

वो लड़कियाँ जिन्हें आज भी शिक्षा के दीपक से अपनी ज़िंदगी की दीपावली मनाने...

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लड़कियों को हमारे समाज में पराया धन समझा जाता है। यह भी एक कारण है जिसकी वजह से लड़कियों की पढ़ाई-लिखाई पर ज्यादा खर्च नही किया जाता।
वीमेन विथ डिसेबिलिटीज़ इंडिया नेटवर्क : भारतीय विकलांग महिलाओं के विकास की दिशा में एक अहम पहल

वीमेन विथ डिसेबिलिटीज़ इंडिया नेटवर्क : भारतीय विकलांग महिलाओं के विकास की दिशा में...

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वीमेन विथ डिसेबिलिटीज़ इंडिया नेटवर्क की यह मीटिंग भारतीय विकलांग महिलाओं के विकास और उनकी वर्तमान स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम पहल साबित हुई।
माहवारी जागरूकता के लिए गांव-गांव जाती हैं मौसम जैसी लड़कियाँ

माहवारी जागरूकता के लिए गांव-गांव जाती हैं मौसम कुमारी जैसी लड़कियाँ

मौसम कुमारी रजौली प्रखंड गांव की एक आम लड़की है। मौसम एक यूथ लीडर है जो पिछले तीन सालों से महिला स्वास्थ्य पर चर्चा करती है।

अभिनेता की यौनिकता को नकारकर उसकी ज़बरन शादी से नर्क़ बनने लगी ज़िंदगी

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जसप्रीत सिंह एक अभिनेता, होस्ट और प्रोग्राम डायरेक्टर है जिन्होंने जसप्रीत ने साल 2006 में आयी ‘विवाह’ फिल्म में शाहिद कपूर के साथ बतौर अभिनेता काम किया।
घर की इन जेंडर आधारित जगहों से कब ख़त्म होगा भेदभाव

घर की इन जेंडर आधारित जगहों से कब ख़त्म होगा भेदभाव

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‘दाग अच्छे हैं’ कहकर किसी डिटर्जेंट पाउडर को बेच पाना बेहद आसान है, लेकिन कोई भी इसी टैग लाइन का उपयोग कर एक सैनिटरी पैड को बेचने की हिम्मत नहीं कर सकता।
मर्दों की जन्नत बनाने के लिए दोज़ख़ से गुज़रती औरतें

मर्दों की जन्नत बनाने के लिए दोज़ख़ से गुज़रती औरतें

स्त्री को दुनिया की 'सबसे खूबसूरत वस्तु' कहा जाता है। हमारा मातृत्व, रचनात्मकता, प्रबंधन, दिन-रात का अदृश्य श्रम हमें सुंदरतम कहलवाने में शामिल नहीं है।

पुरुष होते नहीं बल्कि समाज में बनाए जाते हैं

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हमेशा एक पुरुष से यह उम्मीद रखी जाती है कि वो अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रखेगा जो किसी भी रूप में उसे कमजोर या असहाय दिखा सकती है।
शादी

शादी के बाद ‘पति-पत्नी’ नहीं बल्कि ‘साथी’ बनना है समानता का पहला क़दम

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समाज में अपने साथ होने वाली घरेलू हिंसा को छुपाती ऐसी कई औरतें हैं जो अपने पति को ईश्वर मानती है और उनके ऊपर हाथ उठाए जाने को भी सही ठहराती है।

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ट्रेंडिंग

मैं एक महिला हूं और मुझे एनकाउंटर न्याय नहीं लगता

मैं एक महिला हूं और मुझे एनकाउंटर न्याय नहीं लगता

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महिलाओं के लिए यह विशेष तौर पर सचेत होने का वक्त है। सरकारें अपनी ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट, पुलिस रिफोर्म, प्रशासनिक कार्रवाई आदि पर जोर नहीं दे रही।
इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

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संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

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गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

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भारत में स्त्री संघर्ष और स्त्री अधिकार के आन्दोलन को इसी रूप में स्वतंत्रता आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता है|
उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

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नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।