लैंगिक समानता के लिए क्यों ज़रूरी हैं जेंडर-न्यूट्रल टॉयलेट्स?
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट में 34 साल की ट्रांस-वुमन ग्रेस बानू सवाल करती हैं कि ट्रांस-मेन और क्वीयर लोगों का क्या? हमें अलग टॉयलेट की ज़रूरत नहीं है; हमें जेंडर-न्यूट्रल टॉयलेट चाहिए। इन स्कीम का असर बहुत कम होता है।







