क्या भारत में एपिसियोटॉमी का हो रहा है अंधाधुंध इस्तेमाल?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) ने साल 2018 में सिफारिश की थी कि सभी प्रसवों में से 10 प्रतिशत से कम मामलों में ही एपिसियोटॉमी की जानी चाहिए। अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी ने भी साल 2006 में इसी तरह की सलाह दी थी। इसके बावजूद, व्यवहार में इन सिफारिशों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है।







