लिव-इन रिलेशनशिप: कानून, नैतिकता और महिलाओं की सुरक्षा का सवाल
समय-समय पर न्यायालयों ने लगातार यह पुष्टि की है कि औपचारिक विवाह न होने मात्र से लिव-इन रिलेशनशिप अवैध नहीं हैं। ऐसे संबंधों में महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत ‘पीड़ित व्यक्ति’ के रूप में संरक्षण मिला है, जिससे उन्हें भरण-पोषण, सुरक्षा आदेश और दुर्व्यवहार से राहत पाने का अधिकार मिलता है।







