फेमिनिज़म इन इंडिया
फ़ेमिनिज़म इन इंडिया (हिंदी) एक संसाधन-आधारित वेबसाइट है, जिसका उद्देश्य हिंदी में उपलब्ध नारीवादी सामग्री को एकत्रित करना और सुलभ बनाना है। यह प्लेटफॉर्म नारीवाद पर समझ विकसित करने और नारीवादी दृष्टिकोण को सरल, सुलभ और व्यापक रूप से साझा करने की दिशा में काम करता है।

हमारी कहानियों का संग्रह देखें
भारतीय इतिहास में महिलाएं
#IndianWomenInHistory (आईडब्ल्यूएच) एफआईआई का एक महत्वपूर्ण कॉलम और अभियान है, जिसका उद्देश्य भारतीय इतिहास में महिलाओं के योगदान, संघर्ष और विरासत को सामने लाना है, खासतौर पर उन आवाज़ों को जिन्हें मुख्यधारा के इतिहास में अक्सर नजरअंदाज़ किया गया है। हमने इस पहल को सिर्फ लेखों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि वीडियो कंटेंट के माध्यम से भी इन कहानियों को सामने लाया है, जिससे यह और अधिक प्रभावशाली बन सके। यह पहल हिंदी में और भी ज़्यादा ज़रूरी हो जाती है क्योंकि ऐसी ऐतिहासिक प्रोफाइल्स और संदर्भ अक्सर अंग्रेज़ी में ही उपलब्ध होते हैं। इसका मतलब है कि हिंदी या अन्य भारतीय भाषाओं में पढ़ने वाले लोग इन महत्वपूर्ण हस्तियों और उनके योगदान से वंचित रह जाते हैं।
जब ये कहानियां सरल हिंदी में सामने आती हैं, तो वे अधिक आसानी से समझी जाती हैं और लोगों से गहराई से जुड़ती हैं। यह भाषा की दीवार को तोड़कर इतिहास को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाता है। यह याद दिलाती है कि बदलाव केवल पुरुषों ने नहीं, बल्कि महिलाओं ने भी समान रूप से रचा है। आईडब्ल्यूएच इतिहास को याद करने की नहीं, बल्कि उसे नए तरीके से समझने, लिखने और दोबारा पाने की कोशिश है, जहां हर वह कहानी मायने रखती है जिसे अब तक भुला दिया गया था।
संपादक की पसंद
मिर्ज़ापुर सीज़न 2 : स्त्री द्वेष और हिंसा का कॉकटेल परोसती वेब सीरीज़
By Gayatri
5 min read | Oct 23, 2020
विकलांग महिलाओं के लिए पीरियड्स देखभाल के नाम पर नियंत्रण, निर्भरता और बहिष्कार
7 min read | Jan 30, 2026
तीस साल की उम्र के बाद अविवाहित महिलाओं और लड़कियों का अनदेखा संघर्ष
8 min read | Nov 27, 2025
घरेलू हिंसा के बावजूद महिलाओं को उसी रिश्ते में क्यों रहना पड़ता है?
By Naaz Parveen
5 min read | Dec 2, 2021नारीवादी शब्दकोश
यह संसाधन नारीवाद के केंद्र में प्रमुख अवधारणाओं, आंदोलनों और आंकड़ों की स्पष्ट और संक्षिप्त परिभाषाएं प्रदान करता है। यह हिंदी भाषी समुदाय के लिए नारीवादी विचारों को समझने और उन्हें अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यक्तिगत जीवन में अपनाने का एक उपयोगी साधन है। यह विशेष रूप से विद्यार्थियों, कार्यकर्ताओं और उन सभी लोगों के लिए मददगार है जो जेंडर, जाति, यौनिकता और अन्य सामाजिक मुद्दों को समझना चाहते हैं। इसका उद्देश्य नारीवादी समझ को सरल बनाना और समावेशी विमर्श को आगे बढ़ाना है।


संसाधन शीर्षक
फेमिनिज़म इन इंडिया (हिंदी) एक ऐसी टूलकिट लेकर आया है जो लैंगिक हिंसा की मीडिया कवरेज को संवेदनशील और समावेशी बनाने की ओर एक प्रयास है। इस रिपोर्ट को जारी करने का मुख्य उद्देश्य है कि इसका इस्तेमाल कर मीडिया लैंगिक हिंसा के मुद्दे को बिना किसी पूर्वाग्रह के, संवेदनशीलता के साथ कवर कर सके।









