स्त्री का शरीर: जाति, पितृसत्ता और नियंत्रण की अदृश्य राजनीति
ब्राह्मणवादी पितृसत्ता केवल पुरुषों के वर्चस्व की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह जाति और जेंडर के मेल से बनी एक जटिल सत्ता संरचना है। दलित नारीवादी चिंतकों उर्मिला पवार और शर्मिला रेगे ने अपनी पुस्तक ‘राइटिंग कास्ट राइटिंग जेन्डर’ में बताया है कि भारतीय समाज में पितृसत्ता को जाति से अलग करके नहीं समझा जा सकता।







