भारत में छिपे स्टिलबर्थ: आंकड़ों से बाहर रह जाने वाले हजारों मामलों की अनदेखी
स्टिलबर्थ तब माना जाता है, जब गर्भ में पल रहा भ्रूण 28 हफ़्ते या उससे ज़्यादा का हो। साथ ही अगर किसी वजह से यह पता न हो कि बच्चा कितने हफ़्ते का था, तो उसका वजन 1000 ग्राम या उससे ज़्यादा होने पर ही उसे स्टिलबर्थ की कैटेगरी में रखा जा सकता है। यानी गर्भावस्था के आखिरी महीने में पूरी तरह से विकसित हो चुके भ्रूण की मृत्यु को ही विश्व स्वास्थ्य संगठन स्टिलबर्थ कहता है।







