मेरा फेमिनिस्ट जॉय: रूढ़ियों से टकराकर खुद को पाने तक का सफर
रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़ते हुए मैं अपने परिवार की वो पहली लड़की हूं, जो अपनी मन पसंद और उच्च शिक्षा प्राप्त करने अपने घर और राज्य से बाहर जा पाई। आज मुझे जितनी खुशी अपने मनचाहा कोर्स चुनने की नहीं होती, उतनी ये सोच के होती है कि मैंने अपने लिए स्टैंड लिया और पितृसत्ता को चुनौती देते हुए मैने अपनी ये लड़ाई जीती।







