सबरीमाला विवाद: स्त्री देह पर नियंत्रण की राजनीति या धर्म की रक्षा?
सबरीमाला विवाद केवल एक मंदिर या परंपरा का प्रश्न नहीं है, बल्कि यह स्त्री के शरीर, उसकी गरिमा और उसके संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। जब धार्मिक मान्यताएं महिलाओं को उनके जैविक अस्तित्व के आधार पर बाहर करती हैं, तो यह समानता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ खड़ा होता है।







