प्रतिरोध से परिवर्तन तक: अंबेडकरवादी प्रेस की विरासत और संघर्ष
भीमराव अंबेडकर का मानना था कि कथित दलित समुदाय के व्यक्तियों को जागरूक बनाने और उन्हें संगठित करने के लिए उनका अपना खुद का मीडिया होना बहुत जरूरी है। इसी उद्देश्य के लिए उन्होंने 31 जनवरी 1920 को मराठी पत्रिका ‘मूकनायक’ का प्रकाशन शुरू किया था।







