मर्दानगी के पुराने ढांचे से बाहर क्या हो सकता है नया नजरिया और असली ‘मर्द’?
पितृसत्ता सिर्फ सामाजिक व्यवस्था नहीं, बल्कि असमानता और नियंत्रण की संरचना है। यह पुरुषों को एक खास रूप में बांधती है और ज़हरीली मर्दानगी को जन्म देती है, जो हिंसा और भेदभाव को बढ़ावा देती है।







