Intersectional Feminism—Desi Style!

इंटरसेक्शनल

स्वास्थ्य

पॉडकास्ट : पी फॉर पैरेंटिंग में सुनें ब्रेस्ट फीडिंग बनाम फॉर्मूला फीडिंग पर चर्चा

ये फैसला मां को लेना चाहिए, चाहे वह ब्रेस्ट फीडिंग का हो या बोतल से दूध पिलाना हो। दो विकल्पों में से किसी के लिए दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।

क्यों अनदेखा किया जाता है मेनोपॉज के दौरान महिलाओं का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य

एक रिसर्च में पाया गया कि जिन शादीशुदा महिलाओं के पार्टनर्स को उनके मेनोपॉज के बारे में जानकारी थी, वे मेनोपॉज़ के बारे में सहज और जागरूक थे

महिलाओं के ‘चरमसुख’ यानी ऑर्गेज़म पर चुप्पी नहीं बात करना ज़रूरी है

आख़िर महिलाओं के ऑर्गेज़म अनुभव करने या नहीं करने के पीछे क्या किस्सा है, क्यों हमारे घरों और समाज इस पर इतनी कम बातचीत होती

मेंस्ट्रुअल कप से जुड़ी 10 गलत धारणाएं जिन्हें तोड़ना ज़रूरी है

मेंस्ट्रुअल कप्स की सबसे बड़ी ख़ासियत यह भी है कि ये लंबे समय तक चलते हैं और इसीलिए ये इको-फ्रेंडली भी हैं।

वैजीनिस्मस हो सकता है सेक्स के दौरान होने वाले दर्द का कारण

वैजीनिस्मस एक शारीरिक स्थिति है जिसमें यौन संबंध के दौरान लिंग के योनि में प्रवेश पर योनि संकुचित हो जाती है, जिससे शारीरिक तकलीफ़ होती है।

पॉडकास्ट : पी फॉर पैरेंटिंग में जानें कैसे रखें कोविड के दौरान बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल

SRM के P फॉर पैरेंटिंग पॉडकास्ट में अनुभा और अंजलि ने चर्चा कि है कि कोरोना के समय में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें।

समाज

लव जिहाद : एक काल्पनिक भूत जो महिलाओं से प्यार करने का अधिकार छीन रहा

एक समाज सोते जागते फ़िल्मों का प्रेम तो गीत सुनता है लेकिन प्रेम से इतना डरता है कि डर का भूत ही खड़ा कर देता है। उसी भूत का नाम है लव जिहाद।

जानें, क्या होती है गैसलाइटिंग ?

कहीं आप गैसलाइटिंग का शिकार तो नहीं हो रहेये पहचानने के लिए कि , आपको गैसलाइटर के साथ अपने संबंधों का आकंलन ज़रूर करना चाहिए।

अपना मनपसंद करियर विकल्प चुनना हमारे परिवारों में एक संघर्ष ही है

जिस देश में बच्चे के पैदा होते ही उसकी होने वाली फैमिली की प्लानिंग कर ली जाती है, क्या उस देश के बच्चों को करियर प्लानिंग करने दी जाती है?

संस्कृति

ज्योतिबा फूले की ‘गुलामगिरी’ हमेशा एक प्रासंगिक किताब रहेगी

गुलामगिरी में महात्मा ज्योतिबा फूले ने तत्कालीन समाज में व्याप्त सभी समस्याओं को स्थान देते हुए सामाजिक मान्यताओं पर कटाक्ष किया। उन्होंने वर्णभेद, धर्मभेद, जातिभेद, लिंगभेद आदि के केंद्र में मौजूद ब्राह्मणवादी रूढ़िवादी विचारों पर प्रहार किए

कहानी मशहूर अदाकारा मीना कुमारी की

मीना कुमारी एकमात्र ऐसी अभिनेत्री थी, जिन्होंने लगातार 13 सालों तक सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर ख़िताब को अपने नाम किया था

ख़ास बात : खबर लहरिया की संपादक कविता बुंदेलखंडी से

ख़बर लहरिया अलग- अलग स्थानीय भाषाओं और बोलियों में रिपोर्टिंग करता है और क्षेत्र विशेष के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाता है।

ट्रेंडिंग

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

2
संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

6
गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

भारत में स्त्री संघर्ष और स्त्री अधिकार के आन्दोलन को इसी रूप में स्वतंत्रता आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता है|

आपके पसंदीदा लेख

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

पैड खरीदने में माँ को आज भी शर्म आती है

मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

6
गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

2
नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।

फॉलो करे

5,840FansLike
1,399FollowersFollow
1,167FollowersFollow

इतिहास

इक़बाल बानो : हुक्मरानों के ख़िलाफ़ खड़ी होने वाली फ़नकारा

तय दिन और जगह पर हुक्मरानों ने इक़बाल बानो को रोकने के लिए कई इंतेज़ाम किए थे। शाम का वक़्त था, इस आयोजन के गवाह बनने पचास हज़ार दर्शक आए थे।

दुर्गा देवी : क्रांतिकारी महिला जिसने निभाई थी आज़ादी की लड़ाई में अहम भूमिका

दुर्गा देवी अपनी पार्टी के लिए हथियारों के इंतजाम करने में भी अहम भूमिका निभाती थी। उन्होंने 9 अक्टूबर, 1930 को गवर्नर हैली पर गोली चला दी।

कहानी मशहूर अदाकारा मीना कुमारी की

मीना कुमारी एकमात्र ऐसी अभिनेत्री थी, जिन्होंने लगातार 13 सालों तक सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर ख़िताब को अपने नाम किया था

पढ़ें : ‘भारत की कोकिला’ सरोजिनी नायडू की कहानी

सरोजिनी नायडू ने स्वतंत्रता के बाद भी एक प्रमुख पद धारण किया। उन्हें संयुक्त प्रांत, अब उत्तर प्रदेश का पहला राज्यपाल नियुक्त किया गया था।

नारीवाद

तस्वीरों में : जानें, क्या है नारीवाद और उसके प्रकार

अक्सर नारीवाद को लेकर लोगों के मन में यह आम धारणा बनी होती है कि नारीवाद का मतलब है पुरुषों का विरोध...

तलाक़ का फ़ैसला हो स्वीकार क्योंकि ‘दिल में बेटी और विल में बेटी’| नारीवादी चश्मा

टीना डाबी के फ़ैसले पर अपनी राय का रायता फैलाकर उसे हल्का नहीं बल्कि उसका स्वागत करिए और अपनी बेटियों को दिल और विल में रखना शुरू करिए।

सोशल मीडिया पर औरतों की मौजूदगी और उनकी अभिव्यक्ति

दरअसल, पितृसत्तात्मक समाज में एक औरत अपने साथ हुए शोषण के बारे में भी बोलने के लिए स्वतंत्र नहीं है। लेकिन, इंटरनेट के माध्यम से सोशल मीडिया पर महिलाओं ने अपने निजी मसले पर खुलकर बोलना चुना, जहां उन्हें सहयोग मिला।

कामकाजी महिलाओं पर घर संभालने का दोहरा भार लैंगिक समानता नहीं| नारीवादी चश्मा

कामकाजी महिलाओं के संदर्भ में कहें तो जिस दिन उन्हें घर के काम के भार से मुक्त किया जाएगा उस दिन से लैंगिक समानता आएगी।

अच्छी ख़बर

ऐश्वर्या श्रीधर : वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ऑफ़ द ईयर 2020 का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला

फोटोग्राफी को एक करियर के तौर पर देखते हुए ऐश्वर्या कहती हैं कि लड़कियां या महिलाएं इस क्षेत्र में आने से हिचकती हैं लेकिन उन्हें इस हिचकिचाहट को अलग रखते हुए केवल अपने सपने के बारे में सोचना चाहिए।

साहित्य में नोबेल पुरस्कार 2020 से सम्मानित हुई कवियित्री लुइस ग्लिक

लुइस ग्लिक कविता के लिए नोबेल पाने वाली पहली अमेरिकी महिला भी हैं। वह दुख और अकेलेपन को बड़ी ही सरलता से कविता का रूप देती थी।

तस्वीरों में: जानिए भारत की 9 महिला किसानों के बारे में

15 अक्टूबर को पूरे देश में महिला किसान दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर आज हम आपको मिलवा रहे हैं ऐसी ही 9 महिला किसान/उद्यमियों से।

राजकुमारी देवी : साइकिल चाची से किसान चाची बनने की उनकी पूरी कहानी

बिहार की रहने वाली राजकुमारी देवी, जिन्हें किसान चाची भी कहा जाता, वह पितृसत्ता की हर सीमा लांघ रोज़ एक नई प्रेरक कहानी की नायिका बन रही हैं।