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आपातकालीन गर्भनिरोधक का इस्तेमाल आज के समय में बहुत सामान्य और आसान हो गया है। इनके बारे में जानकारी मिलना भी बहुत आसान है। हालांकि, आपातकालीन गर्भनिरोधक के बारे में कुछ मिथक भी हैं, जिनमें से कुछ के बारे में आज हम आपको बताएंगे –

मिथक 1 : आपातकालीन गर्भनिरोधक सिर्फ एक ही प्रकार की होती है

आपातकालीन गर्भनिरोधक की बात होते ही सबसे पहला नाम आता हैं, आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों का। ये गोलियां दो प्रकार की होती हैं – 

प्लान बी वन स्टेपस में जेनेरिक गोली 1.5 मिली ग्राम लेवोनोर्गेस्ट्रेल, हार्मोन प्रोजेस्टेरोन जैसे तत्वों की होती हैं। यह सबसे अधिक भरोसा की जाने वाली गोली हैं। दूसरी हैं अल्सररिप्रिटल एसीटेट (एला) की 30 मिलीग्राम की गोली। आपातकालीन गर्भनिरोधक ये गोलियां अनचाहे गर्भावस्था की संभावना को कम करती हैं। इनके अलावा एक कापर इंट्रायूटरिन डिवाइस (आईयूडी) पैरागार्ड भी उपयोग की जाती हैं, इसे गर्भाशय में स्थापित कर दिया जाता है। यह शुक्राणुओं को नष्ट कर उन्हें अंडे को निषेचित करने से बचाता है। यह 10 साल के समय तक भी अनचाहे गर्भावस्था की संभावना को कम कर सकता हैं।

मिथक 2 : असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने के बाद देर से भी गोली लेने पर ये असरकारक होती है 

अनचाही गर्भावस्था से बचने के लिए जितना जल्दी सम्भव हो गर्भनिरोधक गोली या उपकरणों का उपयोग कर लेना चाहिए। कुछ गर्भनिरोधक जैसे, लेवोनोर्गेस्ट्रेल गोली सेक्स (शारीरिक सम्बंध) करने के बाद 72 घंटे तक ली जा सकती है। यूलिप्रिस्टल एसीटेट को सेक्स करने के बाद 120 घंटे तक, कापर आईयूडी को भी 120 घंटे तक उपयोग किया जा सकता है। यह समय इन गोलियो को लेने का अधिकतम समय है। इसलिये असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने के बाद जितनी जल्दी गर्भनिरोधक का उपयोग कर लिया जाए उतनी ही गर्भावस्था की सम्भावना को कम किया जा सकता है।  

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आपातकालीन गर्भनिरोधक केवल गर्भावस्था को रोकने का काम करते हैं, गर्भसमापन के लिए नहीं।

मिथक 3 : आपातकालीन गर्भनिरोधक लेने से गर्भसमापन भी हो जाता है 

आपातकालीन गर्भनिरोधक केवल गर्भावस्था को रोकने का काम करते हैं, गर्भसमापन के लिए नहीं। इन दोनों अलग स्थितियों के लिए अलग-अलग दवाएँ ली जाती हैं। शारीरिक संबंध बनाते समय अगर गर्भाशय में अंडा नहीं हैं तो गर्भावस्था संभव नहीं हैं। लेकिन स्खलन के बाद शुक्राणु शरीर में पांच दिनों तक रह सकते हैं इसलिए अंडे का निषेचन तब भी संभव हो सकता हैं। आपातकालीन गर्भनिरोधक अलग अलग रूप में विभिन्न समय अवधि में गर्भावस्था को रोकने के लिए काम करते हैं लेकिन अगर गर्भ ठहर गया है तो ये उस गर्भावस्था को रोक नहीं सकते। कुछ अच्छे असरदार आपातकालीन गर्भनिरोधक के बारे में जाने।

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मिथक 4 : आपातकालीन गर्भनिरोधक लेने के लिए डाक्टर के लिखे पर्चे की ही जरूरत होती है 

कुछ आपातकालीन गर्भनिरोधक आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, जैसे कि लेवोनोर्गेस्ट्रेल लेकिन यूलिप्रिस्टल एसीटेट या कापर आईयूडी लेने के लिए आपको डाक्टर के लिखे पर्चे की आवश्यकता होगी। लेवोनोर्गेस्ट्रेल आसानी से किसी भी उम्र वाले स्त्री या पुरूष ले सकते हैं जो कि अपने पहचान पत्र दिखा सके और जिसे इसके बारे में सही जानकारी हो। 

मिथक 5 : आपातकालीन गर्भनिरोधक लेने के बाद आपका स्वास्थय बहुत ज्यादा बिगड़ जाता है

ओरल आपातकालीन गर्भनिरोधक लेने से आपके स्वास्थ्य में कुछ परिवर्तन हो सकते हैं, जैसे कि जी मिचलाना या उल्टी। इसकी सिर्फ आशंका जताई गई हैं, फिर भी अगर लेवोनोर्गेस्ट्रेल लेने के दो घंटे के अंदर या अल्सररिप्रिटल एसीटेट लेने के तीन घंटे के अंदर आप बहुत ज्यादा जी मिचलाने या उल्टी के प्रभाव में आते ,हैं तो जल्द ही अपने डाक्टर से सलाह लेना चाहिए।

मिथक 6 : एक बार आपातकालीन गर्भनिरोधक लेने के बाद आप बेफिक्र होकर मनचाहे असुरक्षित शारीरिक संबंध बना सकते हैं 

आपातकालीन गर्भनिरोधक जैसे लेवोनोर्गेस्ट्रेल और अल्सररिप्रिटल असुरक्षित शारीरिक संबंध के बाद ही ली जाती हैं। इसलिए इसके बाद फिर से असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाना सही नहीं होगा। एकबार असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने के दौरान शरीर के अंदर प्रवेश किये गये शुक्राणु शरीर में पांच दिनों तक सक्रिय रह सकते हैं और गर्भ निरोधक सिर्फ ओवेल्यूशन को होने में देर करती है। लेकिन अंडा सामान्य से रूप विकसित होता हैं इसलिए गर्भ निरोधक लेने के बाद भी आप गर्भवती हो सकती हैं। गर्भनिरोधक लेने के बाद कम से कम पांच दिनों तक आपको असुरक्षित शारीरिक संबंध न बनाने की सलाह दी गई हैं। या फिर कंडोम का उपयोग किया जाना सही विकल्प होगा। लंबे समय तक अनचाही गर्भावस्था से बचने के लिए कापर आईयूडी जैसे गर्भनिरोधक उपयोग करना सही होगा। 

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यह लेख स्वाति ने लिखा है। वह एक डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल, एक मानव देखभाल अधिकार कार्यकर्ता, पाठक और शिक्षार्थी हैं।

तस्वीर साभार : healthunbox

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