हाँ, मैं नारीवादी हूँ और मैं नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करती हूँ!

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संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ़ कोई भी कानून बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाँ, मैं नारीवादी हूँ और मैं सीएए और एनआरसी का पुरज़ोर विरोध करती हूँ।
नागरिकता संशोधन क़ानून का 'इस्लामोफ़ोबिक' हिस्सा : माने धर्म की आड़ में, देश के बुनयादी मुद्दे से भटकाने का सरकारी पैतरा

नागरिकता संशोधन क़ानून का ‘इस्लामोफ़ोबिक’ हिस्सा : माने धर्म की आड़ में, देश के...

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सरकार ने सीएए और एनआरसी को समझने की उधेड़-बुन ने देशभर को इस तरह उलझा दिया है कि देश की बुनियादी समस्याओं पर चर्चा करना तो क्या हमने विचार करना भी छोड़ दिया।

नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी के ख़िलाफ़ विदेशों में भी विरोध

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राष्ट्र में हर तरफ सीएए व एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रदर्शनों की यही लहर भारत की सीमा के पार अंतरराष्ट्रीय फलक पर भी देखने को मिल रही है।

आख़िर ये राज्य क्यों कर रहे हैं नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी से इनकार?

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पंजाब, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, केरल जैसे राज्य पहले ही कह चुके हैं कि वे नागरिकता संशोधन कानून अपने राज्य में लागू नहीं करेंगे।
नागरिकता संशोधन कानून : हिंसा और दमन का ये दौर लोकतंत्र का संक्रमणकाल है

नागरिकता संशोधन कानून : हिंसा और दमन का ये दौर लोकतंत्र का संक्रमणकाल है

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हिंसा चाहे किसी भी ओर से बुरी है, लेकिन इसके नामपर लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को दबाना सीधेतौर पर लोकतंत्र की आत्मा को मारना जैसा है।
नागरिकता संशोधन क़ानून : विरोधों के इन स्वरों ने लोकतंत्र में नयी जान फूंक दी है...

नागरिकता संशोधन क़ानून : विरोधों के इन स्वरों ने लोकतंत्र में नयी जान फूंक...

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इस एक क़ानून ने भारतीय संविधान की आत्मा कहे जाने वाले मौलिक अधिकारों को ताक़ पर रखकर देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब में फ़ांक डालने की पहल की है।
मैं एक महिला हूं और मुझे एनकाउंटर न्याय नहीं लगता

मैं एक महिला हूं और मुझे एनकाउंटर न्याय नहीं लगता

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महिलाओं के लिए यह विशेष तौर पर सचेत होने का वक्त है। सरकारें अपनी ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट, पुलिस रिफोर्म, प्रशासनिक कार्रवाई आदि पर जोर नहीं दे रही।
दिल्ली से हैदराबाद : यौन हिंसा की घटनाएँ और सोशल मीडिया की चिंताजनक भूमिका

दिल्ली से हैदराबाद : यौन हिंसा की घटनाएँ और सोशल मीडिया की चिंताजनक भूमिका

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आईपीसी सेक्शन 228-A के अनुसार, पीड़ित की पहचान का खुलासा करना दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद यौन हिंसा की खबरों को किसी ‘सनसनी’ की तरह प्रकाशित की जाती है।

महिलाओं को लेकर पूर्वाग्रह से ग्रसित भारतीय पुलिस कैसे करेगी महिलाओं की सुरक्षा?

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गैर सरकारी संस्था कॉमन कॉज ने सीएसडीएस और लोकनीति के साथ मिलकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जो भारतीय पुलिस में जेंडर की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।
हाउडी मोदी

हाउडी मोदी : ‘सब अच्छा होता’ अगर भव्य आयोजन के बाहर लगे ‘हक़’ के...

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अमेरिका के ह्यूस्टन में जैसे ही एनआरजी स्टेडियम में 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम के बाहर प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल में इकट्ठा होना शुरू कर दिया।

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अग्नि परीक्षा के बहाने इसके मूल मुद्दे 'वर्जिनिटी' की बात !

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पवित्रता की अग्नि परीक्षा आदिकाल से अब आधुनिक काल तक महिलाएँ देती आ रही हैं। लेकिन परीक्षा के तौर तरीके में अब कई बदलाव हो गया है।
इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

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