Monday, November 18, 2019
बांग्लादेश के मैरिज सर्टिफिकेट में 'वर्जिन' शब्द के लिए अब कोई जगह नहीं

बांग्लादेश के मैरिज सर्टिफिकेट में ‘वर्जिन’ शब्द के लिए अब कोई जगह नहीं

बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला लेते हुए सरकार को ये आदेश दिया कि मैरिज सर्टिफिकेट से 'वर्जिन' शब्द हटाकर 'अनमैरिड' (कुंवारी) जोड़ा जाये।
भारत की चहेती महिला राजनीतिज्ञ सुषमा स्वराज

भारत की चहेती महिला राजनीतिज्ञ सुषमा स्वराज

सुषमा स्वराज की बहुमूल्य राजनीति का कोई तोड़ नहीं है। उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ने की जो राह और उम्मीद दिखाई है वह कीमती है।
औरत के पक्ष में एक सरकारी प्रस्ताव से घबराने लगी समाज की सहजता

औरत के पक्ष में एक सरकारी प्रस्ताव से घबराने लगी समाज की सहजता

यात्रा में स्त्रियों को दी जाने वाली छूट के विरोधियों ने गैस सिलिंडर में दी जाने वाली छूट पर आपत्ति नहीं की क्योंकि वह समाज की स्वाभाविकता के अनुरूप ही थी|

दिल में बेटी और विल में बेटी

अगर बेटियों का अपने परिवार की सम्पत्ति पर कोई अधिकार न हो और रहने के हुनर उन्हें सिखाए जायें तो हर लड़की के लिए शादी ज़रूरी हो जाती है।
प्रारूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2019) में ट्रांसजेंडर छात्रों और उनकी ज़रूरतों की बात

प्रारूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2019) में ट्रांसजेंडर छात्रों और उनकी ज़रूरतों की बात

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की प्रारूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2019 के एक खंड में ट्रांसजेंडर छात्रों और इसकी जरूरतों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में महिला राजनीतिज्ञ के साथ ‘सेक्सिस्ट व्यवहार’

जर्नल ऑफ इकोनॉमिक बिहेवियर एंड ऑर्गेनाइज़ेशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार जिन सरकारों में महिलाओं की भागीदारी अधिक होती है वहाँ भ्रष्टाचार कम होता है।
महुआ मोइत्रा : भारतीय राजनीति में महिला सांसद का चमकता सितारा

महुआ मोइत्रा रातों रात बनीं संसद का चमकता सितारा

लोकसभा में पहली बार ही भाषण देकर आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टी.एम.सी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने विपक्षियों से अपने लिए वाहवाही लूट ली।
महिला आरक्षण विधेयक : सशक्त कदम में अब और कितनी देर?

महिला आरक्षण विधेयक : सशक्त कदम में अब और कितनी देर?

महिला आरक्षण विधेयक के समर्थकों का मानना है कि इससे महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा। जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होंगी।
दिल्ली में महिलाओं का मुफ़्त सफ़र ये पहल 'अच्छी' या 'बुरी' : एक विश्लेषण

दिल्ली में महिलाओं का मुफ़्त सफ़र ये पहल ‘अच्छी’ या ‘बुरी’ : एक विश्लेषण

दिल्ली में जैसे ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह घोषणा की, कि अब से महिलाएं डीटीसी बस औऱ मेट्रो में मुफ्त सफर कर पाएंगीं तभी से इसपर बहस होने लगी।
चंद्राणी मुर्मू : बेरोज़गारी से कम उम्र की सांसद बनने का सफर

चंद्राणी मुर्मू : बेरोज़गारी से कम उम्र की सांसद बनने का सफर

चंद्राणी मुर्मू केवल 25 साल की है औऱ वह बीजू जनता दल (बीजेडी) के टिकट पर क्योंझर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ी है औऱ सदन पहुंची हैं।

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इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

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भारत में स्त्री संघर्ष और स्त्री अधिकार के आन्दोलन को इसी रूप में स्वतंत्रता आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता है|
रानी अब्बक्का चौटा: भारत की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी | #IndianWomenInHistory

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रानी अब्बक्का चौटा का स्थान न सिर्फ इतिहास में महत्वपूर्ण है बल्कि वे आज के समय में भी एक सशक्त महिला के रूप में बेहतरीन उदाहरण हैं।
उफ्फ! क्या है ये नारीवादी सिद्धांत? आओ जाने!

उफ्फ! क्या है ये ‘नारीवादी सिद्धांत?’ आओ जाने!

नारीवाद के बारे में सभी ने सुना होगा। मगर यह है क्या? इसके दर्शन और सिद्धांत के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम। इसे पूरी तरह जाने और समझे बिना नारीवाद पर कोई भी बहस या विमर्श बेमानी है। नव उदारवाद के बाद भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति आए बदलाव के बाद इन सिद्धांतों को जानना अब और भी जरूरी हो गया है।