Thursday, January 23, 2020
नागरिकता संशोधन क़ानून का 'इस्लामोफ़ोबिक' हिस्सा : माने धर्म की आड़ में, देश के बुनयादी मुद्दे से भटकाने का सरकारी पैतरा

नागरिकता संशोधन क़ानून का ‘इस्लामोफ़ोबिक’ हिस्सा : माने धर्म की आड़ में, देश के...

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सरकार ने सीएए और एनआरसी को समझने की उधेड़-बुन ने देशभर को इस तरह उलझा दिया है कि देश की बुनियादी समस्याओं पर चर्चा करना तो क्या हमने विचार करना भी छोड़ दिया।

नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी के ख़िलाफ़ विदेशों में भी विरोध

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राष्ट्र में हर तरफ सीएए व एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रदर्शनों की यही लहर भारत की सीमा के पार अंतरराष्ट्रीय फलक पर भी देखने को मिल रही है।

आख़िर ये राज्य क्यों कर रहे हैं नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी से इनकार?

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पंजाब, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, केरल जैसे राज्य पहले ही कह चुके हैं कि वे नागरिकता संशोधन कानून अपने राज्य में लागू नहीं करेंगे।
नागरिकता संशोधन कानून : हिंसा और दमन का ये दौर लोकतंत्र का संक्रमणकाल है

नागरिकता संशोधन कानून : हिंसा और दमन का ये दौर लोकतंत्र का संक्रमणकाल है

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हिंसा चाहे किसी भी ओर से बुरी है, लेकिन इसके नामपर लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को दबाना सीधेतौर पर लोकतंत्र की आत्मा को मारना जैसा है।
नागरिकता संशोधन क़ानून : विरोधों के इन स्वरों ने लोकतंत्र में नयी जान फूंक दी है...

नागरिकता संशोधन क़ानून : विरोधों के इन स्वरों ने लोकतंत्र में नयी जान फूंक...

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इस एक क़ानून ने भारतीय संविधान की आत्मा कहे जाने वाले मौलिक अधिकारों को ताक़ पर रखकर देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब में फ़ांक डालने की पहल की है।
मैं एक महिला हूं और मुझे एनकाउंटर न्याय नहीं लगता

मैं एक महिला हूं और मुझे एनकाउंटर न्याय नहीं लगता

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महिलाओं के लिए यह विशेष तौर पर सचेत होने का वक्त है। सरकारें अपनी ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट, पुलिस रिफोर्म, प्रशासनिक कार्रवाई आदि पर जोर नहीं दे रही।
दिल्ली से हैदराबाद : यौन हिंसा की घटनाएँ और सोशल मीडिया की चिंताजनक भूमिका

दिल्ली से हैदराबाद : यौन हिंसा की घटनाएँ और सोशल मीडिया की चिंताजनक भूमिका

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आईपीसी सेक्शन 228-A के अनुसार, पीड़ित की पहचान का खुलासा करना दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद यौन हिंसा की खबरों को किसी ‘सनसनी’ की तरह प्रकाशित की जाती है।

महिलाओं को लेकर पूर्वाग्रह से ग्रसित भारतीय पुलिस कैसे करेगी महिलाओं की सुरक्षा?

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गैर सरकारी संस्था कॉमन कॉज ने सीएसडीएस और लोकनीति के साथ मिलकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जो भारतीय पुलिस में जेंडर की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।
हाउडी मोदी

हाउडी मोदी : ‘सब अच्छा होता’ अगर भव्य आयोजन के बाहर लगे ‘हक़’ के...

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अमेरिका के ह्यूस्टन में जैसे ही एनआरजी स्टेडियम में 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम के बाहर प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल में इकट्ठा होना शुरू कर दिया।
बांग्लादेश के मैरिज सर्टिफिकेट में 'वर्जिन' शब्द के लिए अब कोई जगह नहीं

बांग्लादेश के मैरिज सर्टिफिकेट में ‘वर्जिन’ शब्द के लिए अब कोई जगह नहीं

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बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला लेते हुए सरकार को ये आदेश दिया कि मैरिज सर्टिफिकेट से 'वर्जिन' शब्द हटाकर 'अनमैरिड' (कुंवारी) जोड़ा जाये।

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इन 15 महिलाओं ने भारतीय संविधान बनाने में दिया था अपना योगदान

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संविधान सभा में हम उन प्रमुख पंद्रह महिला सदस्यों का योगदान आसानी से भुला चुके है या यों कहें कि हमने कभी इसे याद करने या तलाशने की जहमत नहीं की| तो आइये जानते है उन पन्द्रह भारतीय महिलाओं के बारे में जिन्होंने संविधान निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है|  
लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

लैंगिक समानता : क्यों हमारे समाज के लिए बड़ी चुनौती है?

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गाँव हो या शहर व्यवहार से लेकर काम तक लैंगिक समानता हमारे समाज में मौजूद है, जो हमारे देश के लिए एजेंडा 2030 को पूरा करने में बड़ी चुनौती है|
फैमिली ग्रुप्स के अश्लील व्हाट्सएप्प मेसेज – एक विश्लेषण

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आजकल फैमिली ग्रुप में अपने बड़े-बूढ़े और रिश्तेदारों की तरफ से शेयर किये जाने वाले कुछ उन चुनिन्दा भद्दे व्हाट्सएप्प मेसेज के बारे बात करने जा रही हूँ, जो महिलाओं के प्रति व उनसे बनाये जाने वाले रिश्ते के प्रति की अपनी घिनौनी सोच को साझा करते हैं|
भारत में स्त्री विमर्श और स्त्री संघर्ष: इतिहास के झरोखे से

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भारत में स्त्री संघर्ष और स्त्री अधिकार के आन्दोलन को इसी रूप में स्वतंत्रता आन्दोलन के परिप्रेक्ष्य में देखने की आवश्यकता है|
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मासिकधर्म और सैनिटरी पैड पर हमारे घरों में चर्चा करने की बेहद ज़रूरत है और जिसकी शुरुआत हम महिलाओं को ही करनी होगी।