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आप एक महिला हैं और अपनी ज़िन्दगी की किताब के नये पन्ने पलटने जा रही हैं। इसमें आपके लिए बहुत सी रोचक, खूबसूरत और बेचैन कर देने वाले हिस्से भी शामिल हैं। आप अपने पार्टनर के साथ यौन गतिविधियों में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार और उत्साहित हैं। लेकिन उस खूबसूरत वक़्त के बाद आपने अगर यह पाया कि आपको मूत्र त्याग करने में परेशानी हो रही है और साथ ही मूत्र सहित रक्तस्त्राव भी हो रहा है, तो ऐसी स्थिति में आप क्या करेंगी?

बहुत सी महिलाएं इस स्थिति को नज़रअंदाज़ करके आगे बढ़ जाती हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि पहली दफा सेक्स के बाद ऐसा होना तो आम बात है। यह अधिकतर नवविवाहितों के साथ देखा गया है। चूँकि बहुत सी महिलाओं (अथवा जोड़ों) को सेक्स संबंधित सही जानकारी बेहद सीमित होती, इसलिए वे इस निष्कर्ष पर पहुँचती हैं। लेकिन जब यह परिस्थिति बार-बार झेलनी पड़ती है और परेशानी हद से ज़्यादा बढ़ जाती है, तब महिलाएं डॉक्टर से सलाह लेने जाती हैं। इसके बाद डॉक्टर उन्हें बताते हैं कि वे यूटरिन ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) यानि कि ‘हनीमून सिस्टाइटिस’ से ग्रस्त हैं।

क्या है ‘हनीमून सिस्टाइटिस’?

‘हनीमून सिस्टाइटिस’ को आमभाषा में मूत्र मार्ग संक्रमण भी कहा जाता है। यह एक बैक्टीरिया से उत्पन्न होने वाला संक्रमण रोग है। जब बैक्टीरिया मूत्र पथ के निचले हिस्से को संक्रमित कर देता है और ऊपरी हिस्से की ओर बढ़ता है तो यह शारीरिक परेशानी का ठोस कारण बन जाता है। इसमें मूत्र त्याग करते समय खुजली, जलन, दर्द व मूत्रद्वार से रक्तस्त्राव जैसी समस्याएं सामने आती हैं। अगर सही समय पर इलाज शुरू नहीं किया गया तो यह संक्रमण गुर्दों तक जा सकता है। वैसे तो यह संक्रमण महिलाओं व पुरुषों दोनों को हो सकता है पर महिलाओं के लिए यह रोग काफी आम है। कई शोधों में ऐसा पाया गया है कि जो महिलाएं यौन सक्रिय होती हैं, उनमें से 75-90  फ़ीसद महिलाओं को हनीमून सिस्टाइटिस होने की वजह उनकी यौन गतिविधियां हैं।

यौन सम्बन्ध का मतलब केवल एक पुरुष और महिला के संबंध तक सीमित नहीं है, इसलिए यह संक्रमण केवल विषमलैंगिक जोड़ों में ही नहीं बल्कि समलैंगिक जोड़ों में भी पाया जाता है।

चिकित्सकों ने यह भी माना है कि हनीमून सिस्टाइटिस होने का खतरा ‘डायाफ्राम’ और ‘स्पर्मिसाइड’ जैसे गर्भनिरोध इस्तेमाल करने पर बढ़ जाता है। चूँकि महिलाओं में ‘मूत्रद्वार’ योनिद्वार और मलद्वार के पास स्थित होता है, उनमें इस संक्रमण को अधिक पाया जाता है। इसलिए जब भी यौन सम्बन्ध बनाने हो तो आपको हर विषय की जानकारी होना ज़रूरी है।

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सभी हो सकते है इसका शिकार

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि यौन सम्बन्ध का मतलब केवल एक पुरुष और महिला के संबंध तक सीमित नहीं है, इसलिए यह संक्रमण केवल विषमलैंगिक जोड़ों में ही नहीं बल्कि समलैंगिक जोड़ों में भी पाया जाता है।

ऐसी बहुत सी महिलाएँ हैं जो लगातार अपना इलाज करवा रहीं हैं लेकिन उन्हें फिर भी आराम नहीं मिल रहा। इसका मुख्य कारण सही समय पर संक्रमण को नज़रअंदाज़ करना है। साथ ही जो लोग ‘रफ़ सेक्स’ पर विश्वास रखते हैं उनके साथ यह परेशानी बढ़ जाती है क्योंकि बैक्टीरिया के मूत्रद्वार में घुसने कि सम्भावना सामान्य से अधिक होती है। इसलिए ज़रूरी है कि हम आप कुछ ऐसे तरीकों के बारे में जानकारी रखें जो आपको हनीमून सिस्टाइटिस से बचाने में काफ़ी हद तक मददगार साबित हो सकते हैं।

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1. आगे से पीछे की ओर सफाई करें – हमेशा ध्यान रखें कि अपने गुप्तांगों को आगे से पीछे की ओर साफ करें। इससे बैक्टीरिया के योनिद्वार या मूत्रद्वार में प्रवेश करने का खतरा कम हो जाता है। यह रोज़मर्रा की जिंदगी में करें।

2. मूत्रत्याग ज़्यादा बार करें – ध्यान दें कि आप हर 2 से 3 घण्टे में मूत्र त्याग कर रही हैं। ऐसे में आपके ब्लैडर पर भी ज़ोर नहीं आएगा और संक्रमण से भी मुक्ति मिलेगी।

3. सेक्स के बाद तुरंत मूत्रत्याग करें – यौन सम्बन्ध बनाने के बाद अगर ज़्यादा देर तक आप मूत्रत्याग नहीं करतीं तो हो सकता है कि बैक्टीरिया अपना काम कर फुर्सत हो जाये। इसलिए बेहतर है कि आप सतर्क रहें।

4. तरल पदार्थों का सेवन ज़्यादा करें  आप जितना ज़्यादा तरल पदार्थ लेंगी, मूत्रत्याग आपके लिए उतना ही सरल हो जायेगा।

5. पर्सनल लुब्रीकेंट का उपयोग करें – फ्रिक्शन (टकराव) से बचने के लिए आप निजी रूप से लुब्रीकेंट का उपयोग कर सकती हैं जिससे आपको यौन गतिविधियों के वक़्त आसानी हो।

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तस्वीर साभार : merdeka.com

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