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हमारे समाज ने अपने दायरों को सीमित रखने के लिए जो नींव रखी उसमें जेंडर की अवधारणा एक मज़बूत ईंट है। ये वो ईंट है जिसने सिर्फ़ दो ही जेंडर की पहचान सभी के दिमाग़ में बैठा दी – महिला और पुरुष की। इसके चलते इन दो जेंडर से इतर कोई भी जेंडर हमारे कल्पना से परे बनता चला गया, इसका नतीजा हमेशा से भयावह रहा। इतना की इसने न केवल जिंदगियाँ बर्बाद की बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद किया। ऐसे ही कहानी है – जसप्रीत सिंह, उर्फ़ जैज़, एक अभिनेता, होस्ट और प्रोग्राम डायरेक्टर की, जिन्होंने फिल्मों में भी काम किया है।

जसप्रीत ने साल 2006 में आयी ‘विवाह’ फिल्म में शाहिद कपूर के साथ बतौर अभिनेता काम किया। पंजाब के पटियाला शहर के रहने वाले जसप्रीत काम के सिलसले में मुंबई आए, जहाँ उन्हें एक लड़के के साथ प्यार हो गया और वो दोनों साथ में रहने लगे। वे दोनों अपनी ज़िन्दगी साथ-साथ गुज़ारना चाहते थे। लेकिन जसप्रीत के बॉयफ्रेंड से कोई लड़की एकतरफ़ा प्यार करती थी और उसने जसप्रीत के घर फ़ोन करके बता दिया कि जसप्रीत गे है और एक लड़के के साथ रिश्ता बनाये हुए है।

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यह जानकर जसप्रीत के माता-पिता मुंबई आ गए और कुछ दिन बाद उसे पटियाला ले आए। पटियाला में जसप्रीत को बाबाओं के पास ले जाया गया ताकि उनकी सेक्सुअलिटी बदल जाये और जब ऐसा कुछ नहीं हुआ तो उसकी ज़बरदस्ती शादी कर दी गयी। वहाँ बारात में लोग नाच रहे थे और यहाँ सेहरा लगाए हुए जसप्रीत आँसू बहा रहे थे। दो साल के बाद उसकी बीवी ने उसके खिलाफ झूठे आरोप लगाए और पुलिस केस दर्ज़ कर दिया। कोर्ट में जब मुकदमा चला तो जसप्रीत बेगुनाह साबित हुए और उनका तलाक हो गया। जसप्रीत अब समाज में खुलकर बाहर आ चुके थे लेकिन इस वजह से उनको लोग तरह-तरह के अपशब्द कहने लगे। आज जसप्रीत निडर होकर गर्व से जीते है और उनका कहना है की जब आप खुद को अपनाओगे तभी समाज आपको अपनाएगा।

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इस वीडीयो में जसप्रीत अपने अनुभवों को साझा कर रहे हैं

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यह लेख इससे पहले गेलैक़्सी मेगेजीन में प्रकाशित किया जा चुका है।

तस्वीर साभार : gaylaxymag

Gaylaxy is India's leading LGBT Magazine that covers a wide array of topics related to LGBT+ issues, including news, opinion, personal stories, fiction and poetry.

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