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इस लेख में हम आज आपको बता रहे हैं नारीवादियों के चंद ऐसे कथन जो बता रहे हैं कि आखिर नारीवाद क्यों अहम है।

“आदमी डरते हैं कि औरतें उनपर हंसेंगी। औरतें डरती हैं कि आदमी उनकी हत्या कर देंगे।”

-मार्गरेट ऐटवुड

मार्गरेट एटवुड, तस्वीर साभार: The New Yorker

“जब तक स्त्री पुरूष के बारे में सोचती है, कोई उसके सोचने पर सवाल नहीं उठाता।”

-वर्जिनिया वुल्फ़

वर्जिनिया वुल्फ, तस्वीर साभार : The Guardian

“किचन में अपने आप को घिसकर कोई औरत आनंद (चर्मोत्कर्ष) नहीं प्राप्त करती।”

-बेट्टी फ्रिडेन

बेट्टी फ्रिडेन, तस्वीर साभार : अंडरवुड Archieves

“मैं तब तक आज़ाद नहीं हूं, जबतक एक भी औरत कैद में है, भले ही उसकी बेड़ियां मेरी बेड़ियों से अलग हो।”

-ऑड्रे लॉर्ड

ऑड्रे लॉर्डसाभार : Jack Mitchel/New Statesman

“संस्कृति लोगों को नहीं बनाती। लोग संस्कृति बनाते हैं। यदि यह सच है कि महिलाओं की पूरी मानवता हमारी संस्कृति नहीं है,तब हमें निश्चित तौर पर इसे अपनी संस्कृति बनानी चाहिए।”

-चिमामांडा नगोज़ी अडीची

चिमामांडा नगोज़ी अडीची साभार : Official Author Website, chimamanda.co.

“मैं सभी तरह की पितृसत्तात्मक बक़वास के ख़िलाफ़ ज़ीरो टॉलरेंस नीति चाहती हूं।”

-कैटलिन मोरान

कैटलिन मोरान, तस्वीर साभार : The New York Times

यदि सभी पुरूष जन्म से मुक्त होते हैं, तब स्त्रियां जन्म से दासी क्यों होती हैं? -मैरी एस्टल

मैरी एस्टल, तस्वीर साभार : The Crown Chronicles

“एक स्त्री तो पुरुष की उतनी ही ज़रूरत होती है जितनी की एक मछली को साईकिल की।”

-इरिना दुन्न

इरिना दुन्न, तस्वीर साभार : The Free Social Encyclopedia

“क्या आपको लगता है कि जो कुछ भी इतिहासकार हमें पुरुषों के बारे में बताते हैं या औरतों के बारे में वह सच है ? आपको इस तथ्य पर विचार करना चाहिए कि ये इतिहास पुरुषों द्वारा लिखे गए हैं, जो कभी भी सीधे तौर पर सत्य नहीं बताते।”

-मॉडरेटा फॉन्ट

मॉडरेटा फॉन्ट, तस्वीर साभार : Wikipedia

मैं एक स्त्री हूं

अभूतपूर्व रूप से

अभूतपूर्व स्त्री―

जो मैं हूं।

-माया एंजलो

माया एंजलो, तस्वीर साभार : www.wunc.com

अगर पुरुष हमें वैसे देख सकते जैसे हम वास्तव में हैं, तो वे थोड़ा चकित होंगे, लेकिन सबसे चतुर, तीक्ष्ण पुरुष अक्सर महिलाओं के बारे में एक भ्रम पालते हैं, वे उन्हें सही तरह नहीं आंकते, अक्सर गलत समझ लेते हैं, दोनों अच्छे और बुरे के लिए, उनकी अच्छी महिला एक विचित्र चीज़ है― आधी गुड़िया, आधी देवदूत, उनकी बुरी औरत हमेशा एक प्रेत होती है।

-शार्लोट ब्रोंटे

शार्लोट ब्रोंटे, तस्वीर साभार : Britannica.com

“कोई भी स्त्री जो मनुष्य की तरह व्यवहार करना चुनती है उसे चेतावनी दे दी जानी चाहिए कि यथास्थितिवादी ताकतें उसे एक भद्दे मज़ाक के रूप में देखेंगे, उसे महिलाओं का सहयोग चाहिए।” (शी नीड्स हर सिस्टरहुड)

-ग्लोरिया स्टेनिम

ग्लोरिया स्टेनिम, तस्वीर साभार : National Geographic/Jack Mitchel

“पुरुषों के विचार में महिलाओं का अवनति उनका यौन अधिकार है। हमारे धर्म, कानून, रीति-रिवाज, सभी इस विश्वास पर स्थापित हैं कि स्त्री पुरुष के लिए बनी थी। “

-एलिजाबेथ कैडी स्टैंटन

एलिजाबेथ कैडी स्टैंटन, तस्वीर साभार : wikipedia.com

“अगर किसी भी महिला को लगता है कि उसे अपने अस्तित्व को वैध और मान्यता देने के लिए खुद से परे किसी और चीज़ की जरूरत है, तो वह पहले ही अपने आत्म-परिभाषित करने की शक्ति यानी अपनी ‘एजेंसी’ खत्म कर रही है।”

-बेल हुक्स

बेल हुक्स, तस्वीर साभार : Bell Hooks Institute

“महिलाओं को बचपन से ही सिखाया जाता है कि सुंदरता ही स्त्री का सब कुछ है। जबकि असलियत में मन ही शरीर का निर्माण करता है और असलियत न जानने के कारण क्षोभ के जेल में उलझकर, केवल जेल को सजाया जा सकता है।”

– मेरी वॉल्सटॉनक्राफ्ट

मेरी वॉल्सटॉनक्राफ्ट तस्वीर साभार : Brainpickings.com

“नारीवादी न होने से बेहतर है, बुरी नारीवादी होना।”

-रोक्जेन गे

रोक्जेन गे साभार : Jay Grabiec/Rollingstone

“स्त्री के पतलेपन पर तय की गई संस्कृति स्त्री सौंदर्य के बारे में नहीं बल्कि स्त्री आज्ञाकारिता के बारे में एक जुनून है। डाइटिंग महिलाओं के इतिहास में सबसे शक्तिशाली राजनीतिक शामक (पॉलिटिकल सेडेटिव) है।”

-नाओमी वुल्फ

नाओमी वुल्फ, तस्वीर साभार : Mike McGregor The Observer New Review

“शिष्टता दर्शाने के लिए आप किसी के ऋणी नहीं होते हैं, न साथी, सहयोगी, जीवनसाथी, न अपने सहकर्मियों के और विशेषकर किसी सड़क चलते अनजान आदमी के तो बिल्कुल नहीं। इसके लिए आप अपनी मां के ऋणी भी नहीं होते, बच्चों के भी नहीं, सभ्यता के भी नहीं। ‘शिष्टता’ कोई किराया नहीं है जिसे आप स्त्री के रूप में चिह्नित स्थान पर कब्जा करने के लिए चुकाएं।”

-एरिन मकेइन

एरिन मकेइन, तस्वीर साभार : TED

“कुछ भी हो जाए, कोई फर्क नहीं पड़ता कौन मुझे आकर्षित करता है, फ़र्क़ नहीं पड़ता कि किसी घमंडी आदमी को यह लगता है कि मुझपर उसका अधिकार है, मैं मैं हूं और हमेशा मैं ही रहूंगी।”

-सारा रास्च

सारा रास्च, तस्वीर साभार : wikipedia

“मैं खुद कभी भी ठीक से यह नहीं जान पाई कि नारीवाद क्या है। मैं केवल यह जानती हूं कि जब भी मैं अपनी भावनाएं व्यक्त करती हूं, जो कि दरवाज़े पर रखी पांव पोछने वाली चटाई नहीं करती, तब लोग मुझे नारीवादी कहते हैं।”

-रेबेका वेस्ट

रेबेका वेस्ट, तस्वीर साभार: brain pickings

“सुंदर दिखना मेरी जिम्मेदारी नहीं है। मैं इस उद्देश्य के लिए नहीं जी रही हूं। मेरा अस्तित्व इस बारे में नहीं है कि तुम मुझे कितना आकर्षित पाते हो।”

-वारसन शीरे

वारसन शीरे, तस्वीर साभार : Amaal Said

“औरत पैदा नहीं होती बल्कि उसे बनाया जाता है।”

-सिमोन द बोउआर

सिमोन द बोउआर, तस्वीर साभार- Wikipedia

और पढ़ें:  नारीवाद सबके लिए है और हम सभी को नारीवादी होना चाहिए

तस्वीर: अर्पिता विश्वास    

गायत्री हिंदू कॉलेज से इतिहास विषय में ऑनर्स की पढ़ाई कर रही हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के एक छोटे से गांव से दिल्ली जाने वाली पहली महिला के रूप में उनके पास सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से जुड़े बहुत सारे अनुभव हैं, जो इंटरसेक्शनल नारीवाद की ओर उनके झुकाव के प्रमुख कारक हैं। उनकी दिलचस्पी के विषयों में नारीवाद को गांवों तक पहुंचाना और ग्रामीण मुद्दों को मुख्यधारा में ले आना शामिल हैं।

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