मल्टीमीडियावीडियो औरत ही औरत की सबसे बड़ी दुश्मन है! अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो ये वीडियो आपके लिए है।

औरत ही औरत की सबसे बड़ी दुश्मन है! अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो ये वीडियो आपके लिए है।

“औरत ही औरतों की सबसे बड़ी दुश्मन होती हैं” आप भी ऐसा सोचते हैं क्या? तो FII Explains के इस नए वीडियो में हम ऐसे ही कई पूर्वाग्रहों की बात कर रहे हैं जो औरतें दूसरी औरतों पर थोपती हैं, जिसका आधार भी ब्राह्मणवादी पितृसत्ता ही है, और उसे हम Internalized Misogyny यानि आंतरिक स्त्रीद्वेष के नाम से जानते हैं। पितृसत्ता ने इसी आंतरिक स्त्रीद्वेष को अपनी ढाल बनाकर एक नया नैरेटिव पेश किया कि औरत ही औरत की दुश्मन है!! आइए इसे हम अलग-अलग उदाहरणों से आपको समझाने की कोशिश करते हैं। ऐसे कई मौके आते हैं जहां महिलाएं खुद आतंरिक स्त्रीद्वेष का हिस्सा बन जाती हैं। आतंरिक स्त्रीद्वेष महिलाओं के बीच एक मुकाबला करवाता है, कई बार ये मुकाबले बेहद टॉक्सिक होते हैं और यह मुकाबला अक्सर मर्दों की स्वीकृति के लिए होता है क्योंकि ध्यान रहे कि इस प्रतियोगिता का जज पितृसत्ता ही है। इसलिए जब भी आप इसका हिस्सा बनें तो याद रखें कि ऐसा करके आप दूसरी औरतों को ही नहीं बल्कि खुद को भी पितृसत्ता के सामने कमतर दिखा रही हैं। पितृसत्ता की ढाल बनने के लिए पुरुष काफ़ी हैं, हमें तो पितृसत्ता के ख़िलाफ़ खड़ा होना, एकसाथ!!!

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