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‘भारतीय राजनीति’ ये शब्द सुनते ही हमारे जहन में नेताओं, नारों और भीड़ की तस्वीरें उभरने लगती है| वो भीड़ जहाँ एक पुरुष नेतृत्व की भूमिका में अपनी पुरुषसत्ता के दम पर देश की सत्ता को पाने के लिए प्रयास करता है| गौरतलब है कि इन तस्वीरों में हम सिर्फ पुरुषों की छवि देखते है, क्योंकि पितृसत्तामक समाज में पुरुषों को नेतृत्व के पर्यायवाची के रूप में देखा-समझा जाता है| ये वो सच्चाई है जो सीधेतौर पर बरसों पहले देश को मिली आज़ादी को आधी आबादी की पूरी आज़ादी पर प्रश्नचिन्ह-सा लगा देती है और बार-बार ये सवाल हमारे समाने खड़ा करती है कि आखिर कब आधी आबादी को भारत में पूरी आज़ादी मिलेगी और वे राजनीति में अपनी बराबरी की हिस्सेदारी दर्ज कर पाएंगीं| लेकिन वो कहते है न कि जहाँ चाह होती है वहां राह होती है| इसी तर्ज पर, पुरुषों तक सीमित देश की राजनीति को एक नया आयाम देने के लिए साल 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए भारत की पहली सर्व-महिला राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय महिला पार्टी को मुम्बई में लांच किया गया| ये पार्टी साल 2019 के चुनावों में  545 लोकसभा सीटों में से आधी – 283 सीटों पर लड़ेगी।

राष्ट्रीय महिला पार्टी की योजना महिलाओं के पूर्ण विकास के लिए एक वातावरण बनाने की है|

राष्ट्रीय महिला पार्टी को ‘माताओं के पार्टी’ के रूप में देखा जा रहा है, जिसे मेडिको और सामाजिक कार्यकर्ती (डॉ) श्वेता शेट्टी ने स्थापित किया है| इस पार्टी के ज़रिये निचले सदन में महिलाओं के लिए 50 फीसद आरक्षण के लिए प्रयास किये जायेंगें| शेट्टी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पार्टी संसद में महिलाओं के लिए समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के हमारे मिशन का एक ऐतिहासिक कदम है। हमारी विचारधारा राजनीति में लैंगिक असमानता को दूर करने और इस तरह समान महत्व बनाने की है।

और पढ़ें : यूपी चुनाव 2017: जहां महिलाओं पर है चुनावी दांव और घोषणाएं, बस नहीं है ‘महिला’

उन्होंने कहा कि संसद में आरक्षण पाने की लड़ाई अब दो दशक से अधिक पुरानी हो चुकी है| लेकिन सच्चाई यह है कि हम एक ऐसे समाज में रहते हैं, जहां ज्यादातर राजनीतिक फैसले पुरुष लेते हैं| इससे कहीं न कहीं महिला सशक्तिकरण के मायने सीमित हो रहे हैं। शेट्टी पार्टी के बारे में बताते हुए आगे कहती हैं कि इस पहल के साथ, राष्ट्रीय महिला पार्टी की योजना महिलाओं के पूर्ण विकास के लिए एक वातावरण बनाने की है जो उन्हें अपनी पूरी क्षमता का एहसास करने और सशक्तिकरण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करती है।

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महिला केंद्रित ये राजनीतिक पार्टी अपनी विचारधारा के आधार पर लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के नये द्वार न केवल खोलेगी, बल्कि इन्हें एक नया आयाम भी देगी|

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय महिला पार्टी जल्द ही “महिला रक्षक” नाम से एक मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा, जो आपात स्थिति के दौरान संकट में महिलाओं की मदद करेगा| ये महिलाओं के खिलाफ बढ़ती आपराधिक हिंसा को रोकने के लिए बेहद ज़रूरी है|  शेट्टी ने कहा कि पार्टी एक युवा संसद खोलेगी जो देश के हर राज्य में महिलाओं के लिए शैक्षणिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी और उन्हें देश की राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगी।

भारतीय राजनीति में आधी आबादी के नामपर, उनके द्वारा और उनके लिए शुरू की गयी ये पहल अपने आप में बेहद सशक्त और ज़रूरी है| उम्मीद करती हूँ कि महिला केंद्रित ये राजनीतिक पार्टी अपनी विचारधारा के आधार पर लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण के
न केवल नये द्वार खोलेगी, बल्कि इन्हें एक नया आयाम भी देगी| मैं पूरी निष्ठा के साथ इस पहल का समर्थन करती हूँ|

और पढ़ें : यूपी चुनाव 2017: उम्मीदवारों की फेहरिस्त में कहाँ है आधी दुनिया?


तस्वीर साभार : dailyhunt

Swati lives in Varanasi and has completed her B.A. in Sociology and M.A in Mass Communication and Journalism from Banaras Hindu University. She has completed her Post-Graduate Diploma course in Human Rights from the Indian Institute of Human Rights, New Delhi. She has also written her first Hindi book named 'Control Z'. She likes reading books, writing and blogging.

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1 COMMENT

  1. शोषणवादी व्यवस्था और बच्चों पे होते जुल्म, महिलाओके साथ अपराध, ये सबके लिए जरूरी है पर महिलाओं को भी महेनत, स्वतंत्रता, निष्ठा और निष्पक्षता से जीना जरुरी है ये मैं मानता हूं

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