लोकसभा चुनाव में राम्या हरिदास की जीत,भारतीय महिलाओं का एक सपना पूरे होने जैसा है

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लोकसभा चुनाव में राम्या हरिदास की जीत,भारतीय महिलाओं का एक सपना पूरे होने जैसा है
लोकसभा चुनाव में राम्या हरिदास की जीत,भारतीय महिलाओं का एक सपना पूरे होने जैसा है

हाल ही में अपने देश में हुए 17 वीं लोकसभा के चुनाव में यों तो महिलाएं अपने लिए उचित दावेदारी तो नहीं तय कर पाई, लेकिन कुछ सकारात्मक परिणाम अपने साथ ज़रूर लाई है। हमारे देश में वैसे तो महिला सांसद है लेकिन उनका संसद में फीसद आज भी 17 फीसद से आगे नहीं बढ़ पाया है। केरल के इतिहास में राम्या हरिदास दूसरी दलित महिला है, जिन्होनें जीत हासिल की है। उन्होनें अलथुरा सीट पर इसबार लोकसभा चुनाव में माकपा के कद्दावर नेता पीके बीजू जो कि दो बार सांसद भी रह चुके है, उनको हराकर राम्या ने जीत हासिल की है। उनकी जीत सभी महिलाओं की जीत है जो एक दिन राजनीति में जाने का सपना देखती है।

केरल राज्य से वह एकलौती महिला सांसद हैं जिन्होनें जीत हासिल की है औऱ उनकी उम्र केवल 33 साल है। वह निम्न परिवार से आती है और उनके पिता मज़दूर है। हरिदास एक अच्छी कलाकार भी है औऱ उन्होनें अपना चुनावी प्रचार भी गा-गाकर ही किया था। वह राजनीति में कदम रखने से पहले कोझिकोड नगर पालिका की प्रमुख भी रही है।

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राजनीति में उनका आना भी कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी के कारण ही हो पाया है। वह राहुल गाँधी की पसंद रही है। साल 2010 में कांग्रेस के आयोजित गांधी टैलेंट हंट ‘भविष्य का नेता’ में वह टॉपर रह चुकी हैं औऱ वही से उनकी राजनीति की यात्रा की शुरूआत हुई, जो साल 2019 में उनकी जीत में तब्दील हुई। प्रतिभा से भरपूर हरिदास की जीत दलित समुदाय के लिए भी एक बड़ी जीत हैं। महिला आरक्षण पर जब भी बीत होती है तो संसद दो गुटों में बंटती हुई दिखती है, यही वजह है कि महिलाएं एकजुट होने के बावजूद राजनीति में उनकी भागीदारी कम है।

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इतना ही नहीं, महिलाओं को राजनीति में कई तरह के बयानों का भी सामना करना पड़ता है, जैसे उनके कपड़ों से लेकर उनके चरित्र पर भी हमला किया जाता है। हरिदास को भी इनका सामना करना पड़ा| विरोधी दलों ने उनके गाना गाकर प्रचार करने के तरीके का मज़ाक भी उड़ाया और उनके बारे में कहा गया कि वह गाना गाएगी या संसद में कानून बनाएगी। लेकिन इससे उनकी छवि लोगों के भीतर बेहतर बनी औऱ लोग उनसे जुड़ने लगे। महिलाओं के मन में उनकी छवि की ही बदौलत वह 5,33,815 अपने नाम दर्ज करा पाई। उन्होनें अपनी जीत का जश्न भी गाकर ही किया। केरल यूं तो देश की सबसे शिक्षित राज्य है लेकिन महिला सांसद के मामले में उनका रिकॉर्ड अच्छा नहीं है।

केरल राज्य से वह एकलौती महिला सांसद हैं जिन्होनें जीत हासिल की है औऱ उनकी उम्र केवल 33 साल है।

जीत के बाद उन्होनें कहा कि ‘वह वोटर्स का शुक्रिया अदा करना चाहती है जिनके कारण उन्होनें जीत हासिल की। इसके अलावा मैं अलथुरा के लोगों का भी शुक्रिया अदा करना चाहती हूं जो हर दौर में मेरे साथ खड़े रहे|’ जब उनपर घटिया बयानबाज़ी हुई तब भी औऱ जब वह जीती तब भी वे सब उनके साथ खड़े रहे। उनका कहना है कि वे अल्पसंख्यक समुदाय के लिए काम करना चाहेंगी और साथ ही साथ महिलाओं के लिए भी योजनाएं बनाना चाहेंगी।

उन्हें हर तरफ से बधाई दी जा रही है, चाहे वो राजनेता हो या आम आदमी। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी और कांग्रेस की नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने राम्या की जीत की खबर को ट्वीट कर लिखा, राहुल गांधी द्वारा चुनी गई राम्या हरिदास, (जो कि एक मजदूर की बेटी हैं) ने इतिहास रच दिया है। कौन कहता है कि राजनीतिक परिवार से आने वाले नेताओं के अलावा किसी और के लिए कांग्रेस में जगह नहीं है। केरल वह राज्य है जहां कांग्रेस गठबंधन ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है औऱ उन्होनें 20 सीटों में से 19 सीटों पर जीत हासिल की है। इस जीत में राम्य हरिदास की भूमिका लाजवाब है जो कि नए सूरज के उगने का संदेश देती है।

Also read in English: Remya Haridas: The Only Dalit Woman MP From Kerala In Lok Sabha 2019


तस्वीर साभार : mynation

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