इंटरसेक्शनल दुनिया में महिलाओं की मौत का 5वां सबसे बड़ा कारण ये है !

दुनिया में महिलाओं की मौत का 5वां सबसे बड़ा कारण ये है !

दुनिया की आधी आबादी के जीवन का अभिन्न अंग पीरियड्स ही वह वजह है जिसके असुरक्षित निपटान की वजह से हर साल लाखों महिलाएं असमय ही काल के गाल में समा जाती हैं।

शुभिका गर्ग

शीर्षक पढ़कर आप जरूर सोच में पड़ जाएंगे कि वह कौन सी बीमारी है जो पूरी दुनिया में महिलाओं की मृत्यु का पांचवां सबसे बड़ा कारण बन रही है। वह एक सामान्य प्राकृतिक शरीरिक चक्र है, उसके बिना जीवन की कल्पना भी असंभव है । अब आप कहेंगे कि यदि ऐसा है तो वह बीमारी कैसे हुई, तो यही तो सबसे बड़ी विडंबना है कि उसे बीमारी, शर्म का कारण और भी ना जाने किन किन उपमाओं से विभूषित किया जाता है। जी हाँ वह है “पीरियड्स या मासिकधर्म” । जिस विषय पर खुलकर बात की जानी चाहिए उसे ही छुपाने की कोशिश की जाती है। 

दुनिया की आधी आबादी के जीवन का अभिन्न अंग पीरियड्स ही वह वजह है जिसके असुरक्षित निपटान की वजह से हर साल लाखों महिलाएं असमय ही काल के गाल में समा जाती हैं। हाल ही में दसरा (Dasra) जो कि एक नॉन प्रॉफिट संस्था है की ओर से एक सर्वे रिपोर्ट जारी की गई जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा हुआ है। 

इस रिपोर्ट के अनुसार केवल हमारे देश में ही हर साल करीब 23 मिलियन लड़कियां पीरियड्स की शुरुआत होते ही स्कूल छोड़ देती हैं। कारण स्पष्ट है कि लड़कियां उन मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं जो पीरियड्स के दौरान उन्हें चाहिए।

अनहाइजीनिक,असुरक्षित साधनों के प्रयोग की वजह से लड़कियां एवं महिलाएं पीरियड्स के दौरान अनेक संक्रमणों से ग्रस्त हो जाती हैं ।

सबसे पहली समस्या साफ सुथरे और गोपनीय स्थान का अभाव जहाँ कि वे बेहिचक पीरियड्स का निपटान कर सकें। दूसरी बात उन्हें साफ सुथरे पैड्स या अन्य विकल्प उपलब्ध ही नहीं हो पाते ताकि वे पीरियड्स के दौरान इंफेक्शन्स से बची रह सकें। इस सबके बाद सामाजिक मान्यताओं, छुआछूत और रूढ़िवादी सोच में जकड़ी बंदिशें रही सही कसर पूरी कर देती हैं। नतीजतन ना चाहते हुए भी लड़कियों की पढ़ाई छूट जाती है। 

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अनहाइजीनिक, असुरक्षित साधनों के प्रयोग की वजह से लड़कियां एवं महिलाएं पीरियड्स के दौरान अनेक संक्रमणों से ग्रस्त हो जाती हैं । UTI यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन व सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की चपेट में आने की प्रमुख वजह पीरियड्स के समय अनुचित साधनों का उपयोग करना है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं कि पूरे विश्व में साल भर में लगभग 8 लाख महिलाओं की मृत्य का कारण पीरियड्स के दौरान उचित साफ सुथरे साधनों का प्रयोग ना करना ही है । यही वजह है कि यह 5वां सबसे बड़ा कारण बन चुका है दुनिया भर में महिलाओं की असमय मृत्यु के लिए। 

जितनी तेजी से दुनिया तरक्की की ओर अग्रसर हो रही है उस रफ्तार से महिलाओं के जीवन से जुड़ी इस अहम समस्या पर ध्यान देना अब अति आवश्यक हो गया है। जागरूकता अभियानों के द्वारा सबसे पहले तो पीरियड्स से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है इसके अलावा पीरियड्स के साफ सुथरे निपटान हेतु पैड्स, मेंस्ट्रुअल कप्स आदि की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत है। तभी लाखों महिलाओं के जीवन पर मंडराता हुआ खतरा दूर हो सकेगा वरना यही हाल रहा तो भविष्य में परिस्थितियों के और अधिक भयंकर हो जाने से इंकार नहीं किया जा सकता।

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यह लेख इससे पहले मोमप्रेसो में प्रकाशित किया जा चुका है|

तस्वीर साभार : scienceofcaring

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