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दुनिया की सबसे बेहतरीन वन्य जीव और जंगलों की फोटोग्राफी करने वाली ऐश्वर्या श्रीधर आज सुर्ख़ियों में हैं क्योंकि 23 वर्षीय ऐश्वर्या श्रीधर को साल 2020 के 56वें ‘वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ऑफ़ द ईयर’ अवॉर्ड से नवाज़ा गया है। यहां सबसे दिलचस्प बात यह कि यह अवार्ड जीतने वाली ऐश्वर्या श्रीधर पहली भारतीय महिला हैं। महज़ 11 साल की उम्र से ही ऐश्वर्या फोटोग्राफी करती आई हैं। वन्य जीव तस्वीरों को अपने कैमरे में बड़े ही खूबसूरत ढंग से उतारने वाली ऐश्वर्या को 14 साल की उम्र में ‘सेंक्चुरी एशिया यंग नेचुरलिस्ट अवॉर्ड’ और उसके बाद ‘इंटरनेशनल कैमरा फेयर अवॉर्ड’ भी मिल चुका है। श्रीधर के पास अपनी उपलब्धियों की एक लंबी सूची है। पिछले साल उन्हें राजकुमारी डायना पुरस्कार से सम्मानित किया गया था जो उन युवा प्रतिभाशाली व्यक्तियों को दिया जाता है जो अपने बेहतरीन योगदान के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।

साल 2020 के वाइल्‍डलाइफ फोटोग्राफर ऑफ द इयर अवार्ड्स में ऐश्वर्या को जिस तस्वीर के लिए यह अवार्ड मिला है उसमें रात के अंधेरे में जगमगाते एक पेड़ के पास से एक गैलेक्सी भी गुजर रही है। जंगल में दो घंटे बिताने के बाद उन्होंने इस 24 सेकंड में इस पेड़ की 27 तस्वीरें खींची थी। इस तस्वीर को ऐश्वर्या ने जून 2019 में भंडारदरा में ट्रेकिंग के दौरान खींचा था। ‘लाइट्स आफ पैशन’ शीर्षक वाली ऐश्वर्या की फोटो को 80 से ज्यादा देशों की 50 हजार प्रविष्टियों में पहले स्थान पर चुना गया। उन्होंने ‘बिहेवियर इनवर्टीब्रेट्स श्रेणी’ में यह पुरस्कार जीता।

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ऐश्वर्या श्रीधर की इसी तस्वीर को मिला है पुरुस्कार, तस्वीर साभा- द हिंदू

नवी मुंबई की रहने वाली ऐश्वर्या श्रीधर एक वन्य जीव डाक्यूमेंट्री निर्माता होने के साथ-साथ एक लेखक भी हैं। नवी मुंबई में वेटलैंड्स को संरक्षित करने पर उनकी पहली डॉक्यूमेंट्री “PANJE the Last Wetland” को डीडी नेशनल पर प्रसारित किया गया था और उनकी दूसरी डॉक्यूमेंट्री “QUEEN OF TARU” जो कि बंगाल की रानी के ऊपर आधारित है, इस डाक्यूमेंट्री को ‘9th Wildlife Conservation Film Festival’ न्यूयॉर्क में सम्मानित किया जा चुका है। उनकी कई तस्वीरें बीबीसी वाइल्डलाइफ़, मोंगाबे, गार्डियन, सैंक्चुअरी एशिया, हिंदुस्तान टाइम्स, टाइम्स ऑफ़ इंडिया आदि सहित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है। इतना ही नहीं वह एक TEDx स्पीकर भी रह चुकी हैं और साथ ही ग्लोबल गुडविल एंबेसडर भी हैं।

फोटोग्राफी को एक करियर के तौर पर देखते हुए ऐश्वर्या कहती हैं कि लड़कियां या महिलाएं इस क्षेत्र में आने से हिचकती हैं लेकिन उन्हें इस हिचकिचाहट को अलग रखते हुए केवल अपने सपने के बारे में सोचना चाहिए।

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ऐश्वर्या श्रीधर को बचपन से ही फोटोग्राफी का शौक है और इसी शौक को देखते हुए उनके पिता ने उन्हें इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वे हमेशा से ही दुनिया में एक वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर के तौर अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहती थी लेकिन शुरुआत में उनका सपना सिविल सेवा में भारतीय वन अधिकारी (IFS) बनने का था ताकी भारत में वन्यजीवों से जुड़ी नीतियों में बदलाव लाया सके। समय के साथ कैमरे के प्रति अपना प्रेम देख उन्होंने महसूस किया कि इसी के जरिये वह कुछ बड़ा हासिल कर सकती हैं। ऐश्ववर्या भविष्य में भारत के संकटग्रस्त प्राइमेट्स पर एक फिल्म बनाना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने पहले ही साल की शुरुआत में अन्नामलाई टाइगर रिज़र्व में इसका एक हिस्सा शूट कर लिया था और कोरोना महामारी का प्रभाव काम होते ही वे दोबारा इस काम में लग जाएंगी।

फोटोग्राफी को एक करियर के तौर पर देखते हुए ऐश्वर्या कहती हैं कि लड़कियां या महिलाएं इस क्षेत्र में आने से हिचकती हैं लेकिन उन्हें इस हिचकिचाहट को अलग रखते हुए केवल अपने सपने के बारे में सोचना चाहिए। ऐश्वर्या अपना रोल मॉडल राधिका रामासामी, लतिका नाथ, अश्विका कपूर और कल्याण वर्मा जैसे वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर को मानती हैं।

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