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खेल की दुनिया पर पुरुषों का अधिपत्य हमेशा से ज्यादा रहा है। बात बचपन में लड़कियों और लड़कों को प्रोत्साहित करने में भेदभाव करने से शुरू होती है। खेल जगत में गैरबराबरी के मौके, प्रसिद्धि, संसाधन का बंटवारा इत्यादि पर ख़त्म होती है। साल 2020 अंत होने को है, हर साल की तरह इस साल भी खेल जगत में कई महिलाओं ने अपने प्रदर्शन से इस जेंडर गैप को कम करने की तरफ़ कदम बढ़ाया है।

1. बिली जीन किंग

बिली टेनिस की बहुत पुरानी अमरीकी खिलाड़ी रही हैं। उन्हें अपने समय के टेनिस की सबसे बेहतरीन महिला खिलाड़ी भी माना जाता है। वे ‘प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ़्रीडम’ पाने वाली खेल जगत की पहली महिला बनी। 76 वर्षीय बिली ने खेल की दुनिया में आर्थिक बराबरी के लिए लगातार काम किया है। वह महिला खेल संघ में अपनी अहम भागीदारी देती रही हैं।

तस्वीर साभार, गूगल

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2. सिमोन बिल्स

सिमोन एक अमरीकी जिम्नास्ट हैं। उनके पास कुल 30 ओलंपिक्स पदक और वर्ल्ड चैंपियनशिप के खिताब मौजूद हैं। 23 वर्षीय सिमोन यौन हिंसा की सर्वाइवर महिलाओं के लिए काम करती हैं। उन्होंने साल 2020 में आगे आकर अपने साथ हुए यौन शोषण के बारे में सावर्जनिक रूप से पहली बार बात की थी।

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तस्वीर साभार, गेट्टी इमेजेस

3. नाओमी ओसका

नाओमी ओसका तीन बार ग्रैंड स्लैम चैंपियन की विजेता रहीं। वह जापान से हैं। टेनिस सिंगल्स में पहले स्थान पर आने वाली पहली ऐशियाई ओसका ही थी। 23 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें कई बार कहा गया कि वे राजनीति को खेल से दूर रखें लेकिन उन्होंने अपने नाम और व्यक्तिगत का इतेमाल 2020 के जरूरी मुद्दों पर बोलने के लिए किया।

तस्वीर साभार, फोबस

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4. मिशेल रॉबर्ट्स

मिशेल रॉबर्ट्स साल 2014 में अमरीका के राष्ट्रीय स्तरीय बॉस्केटबॉल खिलाड़ी संघ की कार्यकारी निदेशक बनी। उत्तर अमरीका में इस पद पर पहुंचने वाली वह पहली महिला थी। रॉबर्ट्स ने मार्च में अपने काम से सन्यास लेने का निर्णय लिया था। लेकिन जिन एनबीए खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व वह करती थी उनके लिए कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र में बहुत काम किया। अपने संन्यास लेने के फैसले को ताक पर रखकर वे खिलाड़ियों की हर मुमकिन मदद की।

तस्वीर साभार, गूगल

5. बाला देवी

बाला देवी, फुटबॉल खिलाड़ी हैं। वह भारत से पहली महिला बनी जिसने यूरोपियन क्लब में जगह पाई और यूरोपियन लीग में गोल किया। उन्होंने इस साल मणिपुर पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति भी हासिल की।

तस्वीर साभार, द ब्रिज़

6. मानशी जोशी

मानशी जोशी, भारत के अहमदाबाद शहर से हैं। मानशी बैडमिंटन खेलती हैं। वह टाइम्स मैगज़ीन के कवर पर आ चुकी हैं। साल 2020 में बीबीसी द्वारा 100 प्रभावशाली महिलाओं की सूची में उनका नाम आया। 

तस्वीर साभार, गूगल

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मेरा नाम ऐश्वर्य अमृत विजय राज है, मिरांडा हाउस से 2021 में दर्शनशास्त्र से स्नातक है। जन्म और शुरुआती पढ़ाई लिखाई बिहार में हुई। इसलिए बिहार के कस्बों और गांव का अनुभव रहा है। दिल्ली आने के बाद समझ आया कि महानगर से मेरे लोग मीलों नहीं बल्कि सालों पीछे हैं। नारीवाद को ख़ासकर भारतीय संदर्भ में उसकी बारीकियों के साथ थ्योरी में और ज़मीनी स्तर पर समझना, जाति और वर्ग के दख़ल के साथ समझना व्यक्तिगत रुचि और संघर्ष दोनों ही है। मुझे आसपास की घटनाएं डॉक्यूमेंट करना पसंद है, कविताओं या विज़ुअल के माध्यम से। लेकिन कभी कभी/हमेशा लगता है "I am too tired to exist".

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