क्या आपको कभी पेशाब में जलन और दर्द का अनुभव होता है या फिर आप पेशाब को ज्यादा देर तक रोक नहीं पाते है, या फिर थोड़ी-सी भी पेशाब आने के कारण आप बस बाथरूम में ही बैठना चाहते हैं। अगर आप इन सभी लक्षणों से होकर गुजर रहे हैं तो हो सकता है आप यूटीआई से संक्रमित हो। यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन जिसे मूत्र मार्ग संक्रमण के नाम से जाना जाता है। यह महिलाओं में होने वाली सामान्य बीमारियों में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, 50 प्रतिशत महिलाओं यानी प्रत्येक पांच में से एक महिला को अपने जीवन में एक बार यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होता ही है। फिर भी काफी महिलाएं इस बीमारी के बारे में जानती ही नहीं हैं। क्या आप जानते हैं कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यूटीआई एक ज्यादा सामान्य बीमारी है। जिसके कारणों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मूत्र मार्ग का छोटा होना और गुदा और मूत्र मार्ग के बीच में कम दूरी का होना भी शामिल है। यह बीमारी खतरनाक तो नहीं है, लेकिन अगर समय पर ध्यान ना दिया जाए तो यह किडनी को प्रभावित कर सकती है।
यूटीआई के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं:
1- पेशाब के दौरान तेज जलन और दर्द का अनुभव होना।
2- बार- बार पेशाब का आना, पेशाब करने की तीव्र इच्छा और पेशाब को ज्यादा देर ना रोक पाना।
3- पेट के निचले हिस्से और कमर में दर्द का होना।
4- बुखार आना, जी मिचलाना, उल्टी और ठंड लगना।
5- कभी- कभी पेशाब का रंग लाल या पिंक हो सकता है और कभी पेशाब में खून भी होता है, जिसे हेमाट्यूरिया (रक्तमेह) के नाम से जाना जाता है।
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यूटीआई के कारण
- महिलाओं में यूटीआई होने का कारण सबसे सामान्य और मुख्य कारण यौन संबंध है। सेक्स के दौरान बैक्टेरिया का यूरेथरा के ज़रिये होते हुए ब्लैडर तक पहुंच सकते हैं।
- मूत्रमार्ग और गुदा के बीच कम दूरी होने के कारण, कभी- कभी आंत से निकलकर बैक्टीरिया गुदा से मूत्रमार्ग में पहुंच जाता है। इसके बाद यह बैक्टीरिया मूत्रमार्ग से ब्लैडर और फिर किडनी तक पहुंच जाता है।
- इसका एक कारण कम मात्रा में पानी पीना भी है।
- जिन महिलाओं के गुर्दे में पथरी होती है, उन महिलाओं को यूटीआई होने का ज्यादा खतरा रहता है।
- हाई ब्लड शुगर का होना भी इसकी एक वजह है।
- अगर किसी को न्यूरोलॉजिकल संबंधी समस्याएं है तो उनमें भी यूटीआई होने के ज्यादा खतरा रहता है।
- अगर हाल ही में किसी की यूरीनरी सर्जरी होती है तो उन्हें भी यूटीआई होने के ज्यादा खतरा रहता है।
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यूटीआई से कैसे बचें बचाव
- यूटीआई से बचने का सबसे साधारण तरीका है कि ज्यादा से ज्यादा पानी और पेय पदार्थ पीएं। जिससे जल्दी – जल्दी पेशाब आने से बैक्टीरिया पेशाब के जरिये बाहर निकल जाएं।
- ज्यादा देर तक पेशाब को रोकने की कोशिश ना करें।
- अपने गुप्तागों को पीछे से आगे की ओर की जगह आगे से पीछे की ओर अच्छे से साफ करें। यह मूत्रमार्ग को गुदा (ऐनल) से आने वाली गंदगी से बचाता है।
- यौन संबंध बनाने से पहले और उसके बाद अपने निजी अंगों की सफाई करना न भूलें।
- सेक्स से पहले और उसके बाद पेशाब करना ना भूलें।
- सेक्स के दौरान गर्भनिरोधक जैसे कॉन्डम का उपयोग करें।
- संभव हो तो अनलूब्रीकेंट कंडोम का उपयोग ना करें।
- निचले अंगों की सफाई किसी भी खुशबूदार या किसी भी प्रकार के स्प्रे से ना करें।
- सूती कपड़े के अंडरगारमेंट पहने और कसे हुए कपड़े पहनने से बचें।
- अगर आपका ब्लड शुगर हाई रहता है तो अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें।
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यूटीआई से बचाव के लिए क्या ना करें
- यूटीआई का इलाज घर में या खुद से करने की कोशिश ना करें।
- गूगल पर सर्च करने से बचें।
- अगर आप यूटीआई से ग्रसित हैं तो एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स लें।
- यूटीआई का पूरी तरीके से इलाज करवाएं, थोड़ी- सी भी लापरवाही के कारण इससे किडनी को खासा नुकसान पहुंच सकता है।
- यूटीआई में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर समय रहते इसका इलाज करा दिया जाए तो यूटीआई से आसानी से बचा जा सकता है।
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तस्वीर साभार : Cathy Drug
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Kirti is the Digital Editor at Feminism in India (Hindi). She has done a Hindi Diploma in Journalism from the Indian Institute of Mass Communication, Delhi. She is passionate about movies and music.


