कथकली के पितृसत्तात्मक दुनिया में महिलाओं की जगह और नारीवादी प्रतिरोधBy Preeti Ranjan 6 min read | Feb 10, 2026
मुग़ल कला के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाली महिलाएं चित्रकारBy Rakhi Yadav 5 min read | Jan 29, 2026
कैनवास से विद्रोह तक: भारतीय विज़ुअल कल्चर में दलित कलाकारों का प्रतिरोधBy Anamika 7 min read | Jan 28, 2026
भारतीय क्वीयर-फेमिनिस्ट कलाकारों की कला, स्मृति और प्रतिरोध की यात्रा By Imran Khan 7 min read | Jan 20, 2026
सफ़दर हाशमी की ‘औरत’ जिसने भारतीय स्ट्रीट थिएटर के माध्यम से लिखी बदलाव की कहानीBy Chitra Raj 5 min read | Jan 2, 2024
बेगम पारा: 1950 के दशक की बेबाक और निर्भीक बॉलीवुड अभिनेत्रीBy Aryanshi Yadav 6 min read | Dec 8, 2023
कैसे कथक तवायफ़ों से दूर विशेषाधिकार प्राप्त लोगों तक सीमित हो गयाBy Malabika Dhar 5 min read | Nov 17, 2023
लोक कला के नाम पर राजस्थानी-हरियाणवी गाने कैसे दे रहे हैं पितृसत्ता को मज़बूतीBy Kanika 5 min read | Jun 23, 2023
सिवान के ‘विद्रोही’ घनश्याम शुक्ल का गांव आज उन्हें कैसे याद करता हैBy Shweta 9 min read | Dec 23, 2022
नौटंकी की ‘गुलाब बाई’ जिन्होंने अपनी कला के ज़रिये दी थी पितृसत्ता को चुनौतीBy Aashika Shivangi Singh 6 min read | Dec 22, 2022