कैसे सेल्फी के जमाने में ‘सुंदर’ बनने का दबाव युवा लड़कियों का नुकसान कर रहे हैंBy Apurva Dubey 7 min read | Dec 21, 2023
बात जाति, वर्ग और हाशिये के मनुष्यों के जीवन में मांसाहार की उपयोगिता कीBy Rupam Mishra 6 min read | Aug 7, 2023
पितृ, पुत्र और धर्मयुद्ध : डॉक्यूमेंट्री जिसने बताया सती प्रथा जैसे अपराधों का अंत है पर पितृसत्ता का नहींBy Priti 6 min read | Feb 9, 2022
टीचर बनना ही महिलाओं के लिए एक सुरक्षित विकल्प क्यों मानता है हमारा पितृसत्तात्मक समाजBy Anjali Chauhan 4 min read | Jan 12, 2022
घरेलू हिंसा के बावजूद महिलाओं को उसी रिश्ते में क्यों रहना पड़ता है?By Naaz Parveen 5 min read | Dec 2, 2021
बहु को बेटी बनाने या अपने जैसे ढालने की नहीं पहले स्वीकारने की ज़रूरत हैBy Vandana 4 min read | Jan 25, 2021
लड़कियों के सभी अंगों का ‘ठीक’ होना पितृसत्तात्मक समाज के लिए क्यों ज़रूरी है ?By Ritika Srivastava 4 min read | Jan 7, 2021
नवरूणा केस : अब अपनी बेटी के अवशेष का इंतज़ार कर रहे हैं माता-पिताBy Saumya Jyotsna 6 min read | Dec 9, 2020
महिलाओं के ‘चरमसुख’ यानी ऑर्गेज़म पर चुप्पी नहीं बात करना ज़रूरी हैBy Aishwarya Raj 6 min read | Nov 20, 2020
मिर्ज़ापुर सीज़न 2 : स्त्री द्वेष और हिंसा का कॉकटेल परोसती वेब सीरीज़By Gayatri 5 min read | Oct 23, 2020