क्या आप जानते हैं दुनियाभर में कैंसर से मरने वाली महिलाओं में ओवेरियन कैंसर एक प्रमुख कैंसर है, जो महिलाओं के प्रजनन तंत्र से जुड़ा हुआ है। इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के अनुसार, भारत में भी महिलाओं को होने वाले जानलेवा कैंसर में से ओवेरियन कैंसर प्रमुख है। ओवेरियन कैंसर को साइलेंट किलर नाम से भी जाना जाता है। भारत में 133 में से एक महिला को ओवेरियन कैंसर होने का ख़तरा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में दुनिया भर में हर साल 10 मिलियन कैंसर के नए मामले सामने आते हैं। वहीं भारत में हर साल 16 मिलियन कैंसर से संबंधित नए मामले दर्ज किए जाते हैं।
डब्ल्यूएचओ की इस रिपोर्ट में भारत में लगभग 7,84,800 लोगों की मौत कैंसर के कारण हो जाती है। डब्ल्यूएचओ के नए अनुमानों के अनुसार, भारत में हर दस भारतीयों में से एक को अपने पूरे जीवनकाल में कैंसर विकसित होने की संभावना है और 15 में से एक व्यक्ति की मौत कैंसर के कारण हो सकती है। भारत में होने वाले छह मुख्य कैंसर में स्तन कैंसर, मुंह का कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, फेफड़े का कैंसर, पेट का कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर शामिल है। वहीं ओवेरियन कैंसर महिलाओं को होने वाला कैंसर है। ओवेरियन कैंसर में महिलाओं की ओवरी में कैंसरसवाली सेल्स का निर्माण होने लगता है।
जैसा कि हम जानते है कैंसर एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन अगर इसका पता हमें समय से लगे तो हम इस जानलेवा बीमारी से बच भी सकते है। पर अफ़सोस, आज भी हमारे समाज में स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याओं से जुड़ी जागरूकता का स्तर बेहद सीमित है और जब बात महिलाओं के संदर्भ में आती है तो ये दायरा और भी ज़्यादा सीमित हो जाता है। क्योंकि स्वास्थ्य और जागरूकता से ऊपर हमारा पितृसत्तात्मक समाज महिलाओं के शरीर पर बात का कोई स्पेस नहीं देता है, जिसकी वजह से बचपन से समाज महिलाओं को अपने शरीर से जुड़ी किसी समस्या पर बात करने की इजाज़त नहीं देता है, जिसके चलते ओवेरियन कैंसर जैसी कई गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षण को अक्सर नज़रंदाज़ कर दिया है और ये बीमारी जानलेवा बीमारी का रूप ले लेती है। आज के अपने इस लेख में हम बात करते है ओवेरियन कैंसर के बारे में –
क्या होता है ओवेरियन कैंसर?
मौजूदा समय में ओवेरियन कैंसर महिलाओं में होने वाला एक आम कैंसर है, जो कई बार जानलेवा भी साबित होता है। इसकी शुरुआत हल्के से पेट दर्द या पेल्विक में सूजन से होती है। इस कैंसर में महिलाओं के ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट बनने लगते है। बता दें कि महिलाओं के यूटरस के दोनों ओर बादाम के आकार की ओवरी होती है, जिसमें सिस्ट बनने की शुरुआत होती है, लेकिन ओवेरियन कैंसर का पता अक्सर तब चलता है जब ये पेल्विक और पेट में फैल नहीं जाता है, जिसकी वजह से इसका इलाज कठिन हो जाता है।
ओवेरियन सिस्ट और ओवेरियन कैंसर में अंतर
ओवेरियन सिस्ट का एहसास कई बार नहीं होता है, क्योंकि इसके लक्षण कम गंभीर होते है, जैसे – पेट में सूजन और दबाव, संभोग के दौरान दर्द और बार-बार पेशाब आना। वहीं कुछ महिलाओं में अनियमित पीरियड, बुख़ार का अनुभव या फिर असामान्य बाल का विकास जैसे लक्षण भी होते है। ये लक्षण काफ़ी गंभीर होते है, जिसका पता लगाना मुश्किल होता है। लेकिन जब ये सिस्ट कैंसर का रूप ले लेते है तो जानलेवा हो जाते है।
मौजूदा समय में ओवेरियन कैंसर महिलाओं में होने वाला एक आम कैंसर है, जो कई बार जानलेवा भी साबित होता है। इसकी शुरुआत हल्के से पेट दर्द या पेल्विक में सूजन से होती है।
ओवेरियन कैंसर के लक्षण
पेट में सूजन होना
अक्सर महिलाएँ अपने पेट में सूजन का अनुभव कभी न कभी करती है। कई बार पेट का भरा हुआ महसूस होना जिससे दिनचर्चा में काफी असहजता होती है। जबकि वहीं पेट का फूला हुआ होना एक सामान्य बात है। या फिर पीरियड के दौरान या उससे पहले सूजन होना और कई हफ्तों तक इसका बना रहना एक बड़ा संकेत है।
कब्ज का बना रहना
अगर आपको कई दिनों से लगातार कब्ज की समस्या बनी हुई है तो ये भी ओवेरियन कैंसर का एक संकेत हो सकता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर आपको अपने पेट में किसी भी तरह के बदलाव समझ में आते हैं चाहे वह आंतरिक हों या फिर बाहरी तो एक्सपर्ट से जरूर सला लें।
पेट दर्द का बना रहना
अगर आप पिछले दो या तीन सप्ताह में पेट या फिर उसके निचले हिस्से में दर्द महसूस करते हैं तो यह भी ओवेरियन कैंसर का संकेत हो सकता है। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि क्या ये दर्द आपके लिए नया है या फिर पहले भी हो चुका है। ऐसे दर्द को किसी भी तरह से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर आप अपने खाने में बदलाव करती हैं और दर्द ठीक हो जाता है तो यह सामान्य हो सकता है।
इसके अलावा ये भी कुछ लक्षण ओरियन कैंसर होने का संकेत करते है –
· अपच या मितली की शिकायत होना
· तेज़ी से वजन घटना
· पेल्विक में परेशानी होना
· पीठ दर्द
· अनियमित पीरियड
· पेशाब बार-बार आना
ओवेरियन कैंसर का इलाज
अगर सही समय पर ओवेरियन कैंसर का पता चल जाए तो इसका सफ़ल इलाज भी संभव है। अक्सर ओवेरियन कैंसर के इलाज के लिए सर्जरी, कीमोथेरेपी या दोनों एक साथ और कभी-कभी रेडियोथेरेपी का भी इस्तेमाल किया जाता है।
अगर आपको या आपके किसी जानने वाली महिला को ऐसे कोई भी लक्षण है तो बिना देर किए डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें। साथ ही, इस बात का ख़ास ध्यान रखें कि आप इसबात का इंतज़ार न करें कि जब आपको कोई गंभीर शारीरिक समस्या या दर्द हो तभी आप डॉक्टर से मिले, बल्कि अगर ओवेरियन कैंसर के शुरुआती लक्षण भी आपको महसूस हो रहे तो इसको हल्के में न लें क्योंकि इसे नज़रंदाज़ करना आपको मुश्किल में डाल सकता है।
About the author(s)
Swati lives in Varanasi and has completed her B.A. in Sociology and M.A in Mass Communication and Journalism from Banaras Hindu University. She has completed her Post-Graduate Diploma course in Human Rights from the Indian Institute of Human Rights, New Delhi. She has also written her first Hindi book named 'Control Z'. She likes reading books, writing and blogging.

